दर्जनों काव्य पुस्तको के लेखक कवि चन्द्र प्रकाश लाल का निधन

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अशोक शर्मा

गया, बिहार। क्षेत्र के जाने माने कवि चंद्र प्रकाश लाल का आज बोधगया के परसावां गांव में निधन हो गया। वे करीब 90 वर्ष के थे। उक्त जानकारी देते हुए अर्जक संघ सांस्कृतिक समिति के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र पथिक ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। कवि जी आजीवन कुंवारा रहकर अर्जक संघ और शोषित समाज दल के विस्तार के लिए कविता के माध्यम से सक्रिय रहे। मानववादी काव्य की दर्जनों पुस्तकें उनकी छप चुकी है।

अर्जक कार्यकर्ताओं ने जताया दुख

उन्होंने बताया कि बिहार लेनिन जगदेव प्रसाद के शहीद होने के बाद पहली बार कवि जी ने ही शहीद जगदेव महाकाव्य लिखा। इसके अलावा शहीद द्वारिका महाकाव्य, मानववादी विवाह गीत, क्रांतिकारी गीतों की करीब एक दर्जन पुस्तकें छप चुकी हैं। कवि जी के मृत्योपरांत रामकृष्ण प्रसाद यादव, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, राघवेन्द्र नारायण यादव, जितेंद्र कुमार, बिनोद विरोधी, बीरेंद्र अर्जक, जगदीश यादव, डॉशैलेंद्र कुमार, राजू रंजन वर्मा ,रामकृष्ण प्रसाद शिक्षक ,प्रहलादराय ,डॉ. राजकुमार बौद्ध समेत दर्जनों अर्जकों ने दुख जताते हुए अपूरणीय क्षति बताया है।

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