
अपना साया, बेपनाह होकर हमारे साथ तुम सोयी यह यक़ीनन सबसे बड़ी मुहब्बत आधे पहर हम साथ रहते चुप होकर नींद में तब बातें किया करते सबको भूल जाते अपने पास आते तुमसे इस वक्त कभी कुछ भी नहीं छिपाते… राजीव कुमार झा की कलम से…

बेकरार सब हो गये
फासले सिमटते हुए
करीब आकर
हम खो गये
बेतकल्लुफी की बातें
तुम अक्सर करती रही
यादों का सिलसिला
सिमटता चला जाता
बीता वक्त याद आता
बेपनाह होकर
हमारे साथ तुम सोयी
यह यक़ीनन
सबसे बड़ी मुहब्बत
आधे पहर हम साथ
रहते
चुप होकर नींद में
तब बातें किया करते
सबको भूल जाते
अपने पास आते
Government Advertisement...
तुमसे इस वक्त कभी
कुछ भी नहीं छिपाते
चांद के पास आकर
यह बात हम तुमको
बताते
तब गुमसुम जंगल
सुबह अंधेरे से
बाहर निकल आता
सूरज सभी दिशाओं में
मुसकुराता
यह जिंदगी का
फलसफा
रोज गुजरता गया
सबकुछ इस राह में
सिमटता जा रहा
अपना साया सदा साथ
चलता
यहां हर वक्त देता दिखाई
👉 देवभूमि समाचार में इंटरनेट के माध्यम से पत्रकार और लेखकों की लेखनी को समाचार के रूप में जनता के सामने प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है। अपने शब्दों में देवभूमि समाचार से संबंधित अपनी टिप्पणी दें एवं 1, 2, 3, 4, 5 स्टार से रैंकिंग करें।
देवभूमि समाचार, हिन्दी समाचार पोर्टल में पत्रकारों के समाचारों और आलेखों को सम्पादन करने के बाद प्रकाशित किया जाता है। इस पोर्टल में अनेक लेखक/लेखिकाओं, कवि/कवयित्रियों, चिंतकों, विचारकों और समाजसेवियों की लेखनी को भी प्रकाशित किया जाता है। जिससे कि उनके लेखन से समाज में अच्छे मूल्यों का समावेश हो और सामाजिक परिवेश में विचारों का आदान-प्रदान हो।








