- पिथौरागढ़ में पैदल यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा उठा, ‘सरल बात’ ने सौंपा ज्ञापन
- फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग की मांग, सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का ध्यान खींचा
- सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता, मेयर और अधिकारियों से ठोस कदम उठाने की अपील
- पैदल चलने वालों के अधिकारों के लिए ‘सरल बात’ समूह की पहल
पिथौरागढ़। ‘सरल बात’ परिवार के सदस्यों ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मेयर, जिलाधिकारी तथा प्रभारी पुलिस अधीक्षक से ठोस कार्रवाई की मांग की है। समूह के पदाधिकारियों के अनुसार, प्रशासन की ओर से शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
समूह के संयोजक मंडल के सदस्य भूपेश सिंह बोरा, चंद्र प्रकाश पुनेड़ा और प्रकाश चंद्र पुनेठा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मेयर, जिलाधिकारी और प्रभारी पुलिस अधीक्षक को संबोधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सड़क सुरक्षा की स्थिति और पैदल यात्रियों को होने वाली परेशानियों को प्रमुखता से उठाया गया।
फुटपाथ, जेब्रा क्रॉसिंग और सीसीटीवी की कमी पर सवाल
ज्ञापन में फुटपाथ, जेब्रा क्रॉसिंग, सीसीटीवी कैमरों तथा स्पीड ब्रेकर के अभाव जैसे बुनियादी मुद्दों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। समूह ने कहा कि तेज रफ्तार से दौड़ते दोपहिया और अन्य वाहन पैदल चलने वालों के लिए सड़क पर आवागमन को जोखिम भरा बना देते हैं।
समूह के सदस्यों का कहना है कि दुनिया के अनेक हिस्सों में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क पर उनके अधिकारों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि पिथौरागढ़ की सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त जगह और जरूरी सुविधाओं का अभाव दिखाई देता है। इस स्थिति में सुधार के लिए सुनियोजित यातायात व्यवस्था और सुरक्षित पैदल मार्ग विकसित करने की आवश्यकता है।
पैदल चलने के अधिकार का मुद्दा उठाया
ज्ञापन में पैदल चलने के अधिकार (राइट टू वॉक) को मूलभूत अधिकार के समकक्ष मानने से संबंधित न्यायिक दृष्टांतों और विस्तृत वाद-विवरण का भी उल्लेख किया गया है। समूह ने इस विषय को नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सुरक्षित आवागमन से जोड़ते हुए प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाने का आग्रह किया।
शहर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने मेयर सहित शासन-प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। समूह का कहना है कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और यातायात नियमों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
गांधीवादी तरीकों से जारी रहेगा जागरूकता अभियान
‘सरल बात’ समूह ने कहा कि वह शहर के बुनियादी सवालों पर गांधीवादी मूल्यों और तरीकों के माध्यम से नागरिकों तथा संबंधित अधिकारियों को जागरूक करने का प्रयास जारी रखेगा। समूह शांतिपूर्ण संवाद, सकारात्मक सोच और सामूहिक सहभागिता के आधार पर जनसमस्याओं को उठाने के पक्ष में है।
समूह ने सवाल उठाया कि 21वीं सदी के डिजिटल दौर में अव्यवस्था और असुरक्षा क्या एक सभ्य, सुसंस्कृत एवं कानूनसम्मत समाज की पहचान हो सकती है? यह ऐसा विषय है, जिस पर नागरिकों और प्रशासन दोनों को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल में कई सदस्य रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में परवेज खान, उमेश चंद्र तिवारी, मनोज मखौलिया, योगेंद्र चंद, ऊषा पंत, लक्ष्मण सिंह बिष्ट और धीरज पटियाल सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। समूह ने उम्मीद जताई कि सड़क सुरक्षा और पैदल यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी आवश्यक कदम उठाएंगे। ‘सरल बात’ परिवार ने सुरक्षित आवागमन को नागरिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए अपना प्रयास जारी रखने की बात कही।
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