बापू के नाम खुला खत

सुनील कुमार माथुर
आदरणीय बापू ,
चरण स्पर्श । बापू आपके अहिंसा वाले देश में आज हिंसा आम बात हो गयी हैं । दिन दहाडे बाजार में गोलियां चल रही है और लोक कल्याणकारी कहीं जाने वाली सरकारे मूक दर्शक बनी हुई है । जनता – जनार्दन की कोई भी सुनने वाला नहीं है । जनता मंहगाई , बेरोजगारी , हिंसा , मारकाट ठगी , हेराफेरी, चोरी , डकैती से परेशान हैं । भय के माहौल में जी रही है । मूलभूत सुविधाओं के लिए तडफ रही हैं लेकिन केन्द्र व राज्य सरकार मूक दर्शक बनी हुई है
जनता-जनार्दन की पीडा को आज कोई भी नहीं सुन रहा हैं और जब जनता समस्याओं का समाधान चाहने के लिए पत्र लिखती है तो समस्या का समाधान होना तो दूर की बात हैं पत्र की प्राप्ति तक की सूचना नहीं दी जाती । यह कैसी विडम्बना है । यह कैसी लोक कल्याणकारी सरकार है । सडके टूटी पडी है लेकिन सरकार संबंधित विभाग को पर्याप्त बजट नहीं दे रही है इस कारण विकास के नाम पर विनाश हो रहा हैं ।
बापू सरकारे आये दिन लोक लुभावनी घोषणाएं करती हैं लेकिन धरातल पर वे भ्रष्टाचार की भेंट चढ जाती हैं । जनता को केवल परेशानियां ही हाथ लगती हैं । बापू आज देश भर में असंतोष पनप रहा हैं और जनता-जनार्दन सुविधाओं के लिए तरस रही हैं । सता में बैठे लोग जनता से वसूले टैक्स पर नाना प्रकार की सुविधाएं भोग रहे हैं । नारी की अस्मिता लूटी जा रही हैं उसके जिस्म के साथ खेला जा रहा हैं यह कैसी आजादी ।
बापू । देश आजाद हुआ था तब न जाने कितने सपनें देखे थे लेकिन आज सारे सपने चूर – चूर हो रहें है । उस वक्त सोचा था कि आजादी मिली हैं तो सबका उत्थान होगा । राष्ट्र का विकास होगा । एक नई दशा व दिशा मिलेगी । लेकिन आज सब कुछ गुड गोबर हो रहा हैं । सता में बैठे लोग येन – केन – प्रकारेण सता की कुर्सी पर चिपके रहने के लिए विधायकों की खरीद – फरोख्त कर रहे हैं । होटलों में आनंद ले रहें है और वही से सरकार चला रहें ।
आज जो घटनाएं घटित हो रही है उसकी जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा हैं । बापू आज देश में प्रतिभाओं को तलाशा व तराशा जानें की जरूरत है । आधारभूत ढांचा मजबूत होना चाहिए । लोगों में व विशेषकर सता में आरूढ लोगों में देश भक्ति की भावना होनी चाहिए । हिंसा , आराजकता , मारधाड़ , धोखाधडी , ठगी , मंहगाई और बेरोजगारी का अंत हो । सभी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो । हर हाथ को काम मिले ।
युवाओं की सामूहिक शक्ति को बढाना होगा । नई तकनिकी व सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा । रोजगार के नये साधन उपलब्ध कराने होगे । सदन की गरिमा को बनायें रखना होगा न कि ऊसे राजनीति का अखाडा बनाये । कानून – कायदों का सरलीकरण व पालन करना होगा ।
हर व्यक्ति को चिकित्सा , शिक्षा , खेलकूद , न्याय , सडक , बिजली , पानी , आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो तभी देशवासियों का आत्मविश्वास बढेगा । राजनेता केवल भाषणबाजी न करें । न ही केवल थोथी घोषणाएं करें वरन् उन्हें धरातल पर लागू करें । वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान दिया जाये । देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है बस जरूरत है तो उन्हें प्रोत्साहन देने की । हर आदमी बिना भय के जीवन व्यापन करें और सकारात्मक सोच के साथ आगें बढें ।
बापू ! आप एक बार पुनः इस धरती पर पधारे और अपनी आंखों से इस सच्चाई को देखे , अनुभव करें और मेरी बात पर विश्वास करें । भ्रष्टाचार के मामलें में तो इस देश ने आब तक के सारे रेकार्ड तोड दिये । आब लोग सैकडों में नहीं करोडों में रिश्वत लेकर गंगा में डूबकियां लगाकर गंगा के पानी को दूषित कर रहें है । बापू ! अब बिना देरी किये इस धरती पर आकर अपनी इस लाटी से कोई चमत्कार दिखा दीजिए और भ्रष्टाचार की गंगा में डूबकी लगाने वालों को सबक सीखा दीजिए । यही वक्त की पुकार है । अधिक क्या लिखूं आप स्वंय समझदार हैं और थोडे में ही बहुत कुछ समझ गये होंगे । जयहिन्द ।
¤ प्रकाशन परिचय ¤
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From »सुनील कुमार माथुरलेखक एवं कविAddress »33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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