मुजफ्फरपुर के चंदवारा मोहल्ले में 23 सितंबर को नाबालिग लड़की से छेड़खानी और मारपीट के मामले में पुलिस आरोपी ललित कुमार को उसी दिन गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी थी। घटना के चार दिन बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज को राष्ट्रीय जनता दल ने सोशल मीडिया पर साझा किया और इसके जरिए बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। इस मामले में पुलिस की तत्काल कार्रवाई और बाद में सामने आए वीडियो को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
- नाबालिग प्रकरण में CCTV से सियासत तेज
- चंदवारा घटना का वीडियो आया सामने
- आरोपी पहले ही न्यायिक हिरासत में
- CCTV फुटेज पर राजद ने उठाए सवाल
मुजफ्फरपुर। जिले के नगर थाना क्षेत्र के चंदवारा मोहल्ले में 23 सितंबर को नाबालिग लड़की से छेड़खानी और मारपीट के मामले में चार दिन बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी ललित कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मामले के अनुसार, 23 सितंबर को चंदवारा मोहल्ले में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी और मारपीट की घटना हुई थी। परिजनों का आरोप था कि आरोपी ने लड़की को घर से खींचकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया।
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गए और पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ललित कुमार को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश कुमार ने उस समय कहा था कि महिलाओं और बच्चियों से छेड़खानी की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी।
चार दिन बाद सामने आया सीसीटीवी फुटेज
घटना के चार दिन बाद इसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस फुटेज को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया। पार्टी ने वीडियो के आधार पर बिहार सरकार और राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। इस मामले में दो अलग-अलग पहलू सामने हैं। एक ओर घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई है और आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी है। दूसरी ओर, घटना के चार दिन बाद सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक दल की ओर से कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवाल हैं।
पुलिस कार्रवाई पर भी सामने आया पक्ष
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई किए जाने की बात कही थी। नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अनुसार, सूचना मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने यह भी कहा था कि इस तरह की घटनाओं को लेकर निगरानी और चौकसी जारी रखी जा रही है। मामले से संबंधित पूर्व रिपोर्टों में भी आरोपी की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। हिन्दुस्तान की 24 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा था।
CCTV के बाद राजनीतिक बयानबाजी
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। राजद ने वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी घटना वाले दिन ही हो चुकी थी। इसलिए मौजूदा विवाद मुख्य रूप से सामने आए वीडियो और उसके आधार पर उठाए जा रहे राजनीतिक सवालों से जुड़ा है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायिक स्तर पर जारी रहेगी। नाबालिग से संबंधित मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न करना और उसकी निजता की रक्षा करना भी महत्वपूर्ण है।

