
मेरठ की अदालत ने गर्भवती महिला की दहेज हत्या के मामले में दोषी चचिया ससुर को उम्रकैद और 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं पॉक्सो अधिनियम के एक अन्य मामले में नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को तीन वर्ष कारावास दिया गया। इसके अलावा शराब के पैसे को लेकर भतीजे की हत्या करने वाले चाचा को भी कोर्ट ने उम्रकैद से दंडित किया है।
- दहेज के लिए जलाई गई गर्भवती महिला, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
- मृत्यु पूर्व बयान बना अहम सबूत, आरोपी को मिली सख्त सजा
- नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषी को कोर्ट ने भेजा जेल
- शराब के पैसे को लेकर भतीजे की हत्या, चाचा को उम्रकैद
मेरठ। दहेज हत्या, पॉक्सो और हत्या के अलग-अलग मामलों में मेरठ की अदालतों ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों को कठोर सजा सुनाई है। गर्भवती महिला को जिंदा जलाकर मारने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट Shivani Singh की अदालत ने दोषी दशरथ उर्फ रामदशरथ को उम्रकैद और 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को तीन वर्ष कारावास दिया गया। इसके अलावा शराब के पैसे के विवाद में भतीजे की हत्या करने वाले आरोपी चाचा को भी अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
दहेज हत्या का मामला सरधना थाना क्षेत्र से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार ईश्वरी नामक महिला ने अपनी बेटी कल्पना उर्फ बेबी की शादी 30 जून 2018 को ईकड़ी गांव निवासी जितेंद्र से की थी। विवाह के बाद से ही कल्पना को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप था कि ससुराल पक्ष लगातार दो लाख रुपये की मांग कर रहा था। पीड़िता के भाई विकास और आरती जब उससे मिलने ससुराल पहुंचे थे, तब कल्पना ने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए प्रताड़ना की जानकारी दी थी। घटना के समय कल्पना तीन माह की गर्भवती थी।
आरोप है कि 12 मार्च की रात उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 19 मार्च को उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु से पहले दिए गए बयान में कल्पना ने अपने चचिया ससुर दशरथ उर्फ रामदशरथ को घटना का जिम्मेदार बताया था। इसी बयान को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और बाद में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता Krishna Kumar Chaube ने बताया कि मामले में महिला के पति को भी नामजद किया गया था, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया। अदालत ने मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर चचिया ससुर के खिलाफ अपराध सिद्ध माना। इसी क्रम में पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज एक अन्य मामले में अदालत ने आरोपी परवेज को दोषी मानते हुए तीन वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला 13 दिसंबर 2017 का है, जिसमें ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद जनवरी 2018 में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी ठहराया।
उधर, किठौर थाना क्षेत्र के कायस्थ बड्डा गांव में शराब के पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद में युवक रविंद्र की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी चाचा विनोद को उम्रकैद की सजा सुनाई है। स्पेशल जज ईसी एक्ट की अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार आरोपी अक्सर परिवार के लोगों से शराब के लिए पैसे मांगता था। सात अक्तूबर 2022 को इसी बात को लेकर हुए विवाद में उसने अपने भतीजे रविंद्र पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई।








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