घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए : जिलाधिकारी

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रुद्रप्रयाग। बरसात के बाद शुरू होने वाली श्री केदारनाथ यात्रा के लिए जो भी व्यवस्थाएं एवं तैयारियां जिस स्तर से पूर्व से की जा रही हैं उसके लिए उसी के अनुसार यात्रा के सफल संचालन हेतु जो भी तैयारियां एवं व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं वह व्यवस्थाएं निरंतर बनी रहे।

इस संबंध में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में यात्रा व्यवस्थाओं में लगे अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए ताकि केदारनाथ धाम में आने वाले तीर्थ यात्रियों को कोई असुविधा न हो। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम में इस वर्ष विगत चार माह में दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या ने रिकाॅर्ड तोड़ा है तथा यात्रा के दृष्टिगत माह सितंबर व अक्टूबर में यात्रियों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है जिसके यह जरूरी है कि सभी व्यवस्याएं समय से चाक-चैबंद कर ली जाएं।

उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्थाओं में लगे सभी अधिकारियों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन बेहतर ढंग से किया गया है तथा आगे भी इसी उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विगत माहों में यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं में जो भी कमी एवं दिक्कतें आई हैं उन कमियों को यथाशीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिस स्तर से जो भी व्यवस्थाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं वह सभी व्यवस्थाएं 25 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाएं।

उन्होंने अधिशासी अभियंता डीडीएमए को निर्देश दिए हैं कि गौरीकुंड घोड़ा पड़ाव से केदारनाथ धाम तक पैदल सड़क मार्ग में जो भी रैलिंग एवं सड़क क्षतिग्रस्त हैं उसे हर हाल में 25 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में पूर्व में पंजीकृत घोड़े-खच्चरों का ही संचालन कराया जाए। सभी घोड़े-खच्चर संचालकों, मालिकों एवं हाॅकरों तथा डंडी कंडी संचालकों का अनिवार्य रूप से पहचान पत्र बनाया जाए तथा संचालित हो रहे घोड़े-खच्चरों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।

अस्वस्थ घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न हो। यदि किसी घोड़े-खच्चरों के मालिकों द्वारा ऐसे घोड़े खचरों का संचालन किया जाता है तो उनके विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करते हुए 5 हजार से कम का चालान न किया जाए तथा घोड़े-खच्चरों के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि श्री केदारनाथ धाम में आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों इस हेतु डाॅक्टरों एवं स्टाफ सहित आॅक्सीजन तथा पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए एवं केदारनाथ धाम में कार्य करने वाले डाॅक्टरों को उचित प्रशिक्षण भी दिया जाए।

उन्होंने जल संस्थान को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग में पर्याप्त पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा संचालित स्टैंड-पोस्टों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो तथा घोड़े-खच्चरों के लिए पानी की चरियों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उरेड़ा विभाग को निर्देश दिए हैं कि गरम पानी के लिए जो भी सोलर लगाए जा रहे हैं उनको यथाशीघ्र लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्युत व उरेडा को निर्देश दिए हैं कि जो भी विद्युत लाइन की तारे झूल रही हैं व स्ट्रीट लाइट खराब हो गई हैं उन्हें ठीक करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने नगर पंचायत, नगर पालिका एवं सुलभ इंटरनेशल को यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक बेहतर साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए तथा जीएमवीएन को निर्देश दिए कि उनके अधीन जो भी टैंट व हट संचालित हो रहे हैं उनमें जो भी कार्य किए जाने हैं उनमें तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए तथा परिवहन विभाग को शटल व्यवस्था को ठीक ढंग से संचालित करने के भी निर्देश दिए तथा पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था को दुरस्त रखने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, परियोजना निदेशक रमेश चंद्र, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग अपर्णा ढौंडियाल, जखोली परमानंद राम, ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. बी.के. शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संजय सिंह, डीडीएमए प्रवीण कर्णवाल, एनएच निर्भय सिंह, लोनिवि जे.एस. रावत, मनोज भट्ट, पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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