हरिद्वार में बिजनौर निवासी गोपाल कुमार की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, महिला पर पति और बच्चों को छोड़कर साथ चलने का दबाव बनाने तथा धमकी दिए जाने के बाद उसके पति ने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस ने मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
- हरिद्वार में गोपाल हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
- धमकी और दबाव के बाद रची हत्या की साजिश
- महिला के पति ने साथियों संग मिलकर की हत्या, गिरफ्तारी
- हरिद्वार में युवक की हत्या, पति-पत्नी गिरफ्तार
हरिद्वार। नगर कोतवाली क्षेत्र में सर्वानंद घाट और दूधियाबंद बस्ती के पास बिजनौर निवासी गोपाल कुमार की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला पर गोपाल की ओर से पति और बच्चों को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि विरोध करने पर महिला को अश्लील वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, लगातार दबाव और धमकियों से परेशान महिला ने पूरी बात अपने पति को बताई।
इसके बाद पति ने पत्नी, उसके भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर गोपाल की हत्या की साजिश रची। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सोमवार को पुलिस कार्यालय सभागार में प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर की सुबह कोतवाली नगर क्षेत्र में दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में एक अज्ञात पुरुष का शव मिला था। शव के पास बिजनौर जाने वाली बस का टिकट मिला था, लेकिन पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था।
पुलिस ने आसपास के थानों और सीमावर्ती जनपदों में शव की फोटो और जानकारी भेजकर पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। 20 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान गोपाल कुमार, निवासी नई बस्ती, आबकारी चौकी के पास, बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रूप में की। इसके बाद मृतक के बेटे आशु कुमार की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस और सीआईयू की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य माध्यमों से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, सोमवार को मोतीचूर रेलवे स्टेशन से आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, महिला के भाई और गांव के एक अन्य व्यक्ति की भी घटना में भूमिका सामने आई है।
बीमारी के दौरान हुई थी महिला से पहचान
पुलिस के अनुसार, इसी वर्ष आरोपी महिला के पति का फेफड़ों में पानी भरने के कारण मेरठ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसी दौरान गोपाल की महिला से पहचान हुई। आरोप है कि बाद में गोपाल ने महिला का मोबाइल नंबर हासिल कर उससे बातचीत शुरू की। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच संबंध बने और गोपाल महिला की आर्थिक मदद भी करने लगा। पुलिस के मुताबिक, बाद में गोपाल महिला पर अपने परिवार को छोड़कर उसके साथ आने का दबाव बनाने लगा। महिला अपने बच्चों से अलग होने के लिए तैयार नहीं थी। रक्षाबंधन के दौरान महिला बिजनौर में गोपाल से मिलने पहुंची थी। इसी दौरान उसके पति ने दोनों को देख लिया था। पुलिस के अनुसार, इस घटना के बाद विवाद और बढ़ गया था।
हरिद्वार बुलाकर हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, गोपाल लगातार महिला से संपर्क कर उसे अपने साथ चलने के लिए दबाव बना रहा था। आरोप है कि वह अश्लील वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी भी देता था। महिला ने जब इसकी जानकारी अपने पति को दी तो दोनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर गोपाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, हत्या में सहयोग करने वाले गांव के एक व्यक्ति को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। साजिश के तहत 16 सितंबर को महिला ने गोपाल को मिलने के लिए हरिद्वार बुलाया। इसके बाद उसे दूधियाबंद क्षेत्र में गंगा घाट के पास ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार, वहां गोपाल ने शराब पी और खाना खाया। बाद में जब वह गंगा घाट के पास सो गया तो पहले से मौजूद आरोपियों ने धारदार हथियारों से उस पर हमला कर दिया। हमले में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी उसका मोबाइल फोन और पर्स लेकर वहां से फरार हो गए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लोहे का चापड़ बरामद करने की जानकारी दी है। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस जांच के आधार पर हत्या की पूरी परिस्थितियों और सभी आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करने में जुटी है।

