
श्री महाकाल सेवा समिति की ओर से ब्रह्मलीन महंत इन्द्रेश चरण दास महाराज के महानिर्वाण दिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर में 101 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस अवसर पर 155 बार रक्तदान कर चुके डॉ. अनिल वर्मा को “रक्तवीर उपाधि” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने रक्तदान को मानवता, परोपकार और जीवनदान का सर्वोच्च माध्यम बताया।
- महाकाल सेवा समिति के रक्तदान शिविर में 101 यूनिट रक्त संग्रहित
- महानिर्वाण दिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर में उमड़ा उत्साह
- 155वीं बार रक्तदान कर चुके डॉ. अनिल वर्मा हुए सम्मानित
- रक्तदान से बढ़कर कोई मानव सेवा नहीं : अशोक वर्मा
देहरादून। रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय अग्रणी सामाजिक संस्था श्री महाकाल सेवा समिति की ओर से ब्रह्मलीन श्री महंत इन्द्रेश चरण दास महाराज के महानिर्वाण दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम राय दरबार साहिब परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। मानव सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 101 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सज्जादानशीन श्री महंत देवेंद्र दास जी के आशीर्वाद से हुआ। इस अवसर पर राज्यमंत्री अशोक वर्मा, सुप्रसिद्ध कथा व्यास एवं ओजस्वी वक्ता पंडित सुभाष जोशी, यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी के आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण अधिकारी एवं रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा, इन्द्रेश हॉस्पिटल ब्लड बैंक की अधिकारी डॉ. प्राची नेगी, जनसंपर्क अधिकारी दिनेश रतूड़ी तथा महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन राणा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने ब्रह्मलीन महंत इन्द्रेश चरण दास महाराज के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिविर के दौरान 155 बार रक्तदान कर चुके यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी के आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण अधिकारी एवं रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा को संस्था की ओर से “रक्तवीर उपाधि” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान रक्तदान के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान और समाज सेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए प्रदान किया गया। रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए प्रख्यात वक्ता पंडित सुभाष जोशी ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सर्वोत्तम और सबसे पवित्र स्वरूप है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति अपने शरीर का रक्त किसी ऐसे व्यक्ति के जीवन की रक्षा के लिए दान करता है, जिसे वह जानता तक नहीं। रक्तदान में न धर्म का भेद होता है, न जाति का और न ही किसी प्रकार का सामाजिक विभाजन। यह निस्वार्थ भाव से किया जाने वाला ऐसा कार्य है जो सीधे मानव जीवन बचाने से जुड़ा है।
राज्यमंत्री अशोक वर्मा ने रक्तदान को सच्चे परोपकार की संज्ञा देते हुए कहा कि अपने लिए तो हर व्यक्ति जीता है, लेकिन वास्तविक इंसान वही है जो दूसरों के दुख-दर्द को कम करने का प्रयास करे। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अनिल वर्मा ने महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन राणा और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान आंदोलन को निरंतर आगे बढ़ाना और लगातार 35वें रक्तदान शिविर का सफल आयोजन करना अत्यंत प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों की निरंतरता ही समाज में जागरूकता और विश्वास को मजबूत करती है। उन्होंने शिविर में अतिथियों के सम्मान और रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र एवं उपहार प्रदान करने की व्यवस्था को भी सराहनीय बताया।
डॉ. वर्मा ने रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए रक्तदान से जुड़े अंधविश्वासों को दूर करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इससे शरीर को किसी प्रकार की हानि नहीं होती। उन्होंने रक्तदान के स्वास्थ्य संबंधी लाभों और इसकी सामाजिक आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर संयोजक एवं महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन राणा ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सज्जादानशीन श्री महंत देवेंद्र दास जी का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, ब्लड बैंक टीम और समिति के सदस्यों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में इन्द्रेश हॉस्पिटल की डॉ. प्राची नेगी, जनसंपर्क अधिकारी दिनेश रतूड़ी, समन्वयक विपिन कुमार, महाकाल सेवा समिति की पदाधिकारी अनुष्का राणा तथा जितेन्द्र मलिक सहित अनेक स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।






