सुनील कुमार हे गौरी सुत गणेश, हर लो मेरे कलेश विघ्नहर्ता तुम सारे जग के फिर काहे...
साहित्य लहर
डॉ. रीना रवि मालपानी रामजानकी को भी भगवान ने विरासत में चुनौतियों के श्रृंगार से सुशोभित किया।...
अशोक शर्मा एक गांव में एक दरजी रहता था जो बड़े छोटे सब के कपडे सिलता था...
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा हे गौरी के लाल हरलो दुःख विशाल मैं हूं बड़ा उदास आके मेरे...
सुनील कुमार माथुर हर रोज देवभूमि आता है और अपने संग ढेरों आलेख लेकर आता हैं कहानी,...
अशोक शर्मा एक बार एक शिष्य ने अपने गुरु से पूछा कि मैं अपने कठिनतम लक्ष्यों को...
नवाब मंजूर ये जो ट्विन टावर था बुरा इतना भी नहीं था यार! गिरा दिया गया बारूद...
राजीव कुमार झा बारिश में जामुन के मीठे फल महकते तुम्हारी यादों में दुपहरी में खोये बैठे...
सिद्धार्थ गोरखपुरी गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले जो टूट मैं गया तो रखना थोड़ा...
राजेश ध्यानी “सागर” पागल है तू चांद फस जाता हें , बादलों में । रोंशनी न छोंडें...













