April 5, 2026

साहित्य लहर

सुनील कुमार माथुर आओं ऐसा दीप जलाएं जहां घोर अंधकार छाया हो अंहकार , घमंड , राग...
सुनील कुमार माथुर दीपावली के इस पावन अवसर पर इतने मंहगे पटाके क्यों छोड रहे हो पटाखें...
नवाब मंजूर और बढ़ाओ और बढ़ाओ पाई एक भी नहीं घटाओ विरोधियों खूब चिल्लाओ चाहे जितना जोर...
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