राजेश ध्यानी उस गीत को कैसे गांऊ मैं जो गीत लिखा ना गया मुझसे , उसको स्वर...
साहित्य लहर
राजीव डोगरा नफ़रत सोच समझ कर करना मोहब्बत होने के आसार होते हैं। बात सोच समझ कर...
सुनील कुमार माथुर वादे करना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन वादे करके भूल जाना , मुकर...
राजीव कुमार झा सबसे सुंदर अपनी मुस्कान हम किसे देखकर तुम अपना मुंह तभी फेरकर तभी फूल...
सुनील कुमार माथुर किसी साहित्य प्रेमी ने कितनी सुन्दर पंक्तियां लिखी हैं बेटियां दीये की तरह होती...
नवाब मंजूर दिन ब दिन कमजोर होता जा रहा है, रूपैया जाने जाकर कहां रूकेगा, रूपैया ?...
राजेश ध्यानी शाम बोली रात से ? अब मेरा दिवाना आयेंगा , रात कहें शांम से मेरा...
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा जब प्रातः बेला में चिड़ियां गाती हैं कलियां खिलकर फूल बन जाती हैं...
सुनील कुमार माथुर आओं ऐसा दीप जलाएं जहां घोर अंधकार छाया हो अंहकार , घमंड , राग...
सुनील कुमार माथुर हर चेहरे पर मधु मुस्कान हो हर झौपड पट्टी और हर घर आंगन में...












