February 9, 2026

साहित्य लहर

हास्य व्यंग्य : सांपनाथ और नागनाथ… बाबा रामदेव जी स्विस बैंक का हिसाब मांगते-मांगते कब अरबपति- खरबपति...
मैंने प्यार किया, आपकी तस्वीर बना कर, आपके रूह को देखा। और अपने अंदर समाहित कर लिया।...
कविता : अंतरात्म में विवेकानंद, ज्ञान ज्योति प्रज्वलित करो और क्रोधाग्नि को शांत करो अस्तित्व स्वयं का...
कविता : भेद सभी मिटाते हैं, तोड़ ऊंच-नीच के सारे बंधन भेद सभी मिटाते हैं स्वामी जी के...
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