कविता : कहां गयी खबरें…ॽ नाबालिग के साथ बलात्कार, धूस लेते अधिकारी व कर्मचारी गिरफ्तार, शिक्षक ने...
साहित्य लहर
भारत के तीन फूल… बरसों रहा भारत, गुलामी की जंजीरों में। खून के आंसू बहाए हैं, बड़े-बड़े...
कविता : एक मिसाल मोहब्बत के नाम… कहीं और नजर जाति नहीं, अब इसी नजर से हमें...
कविता : चमकै बिजली दमकै उजियारी, शिववीर घिरे घन अंबर में चमकै बिजली दमकै उजियारी। बिनु प्रीतम...
कविता : बेटी… बेटी तुम्हारा दीदार अनोखा, बेटी तुम्हारा प्यार अनोखा, बेटी तुम्हारा दिल अनोखा, तभी तो तुम...
कविता : माता शबरी, प्रभु राम आनंद से पुलकित हो उठे शबरी माता ने राम को जीवन...
कविता : ब्राम्हण, जिनके चरण ईश्वर पखारते है। अपने गले लगाया है। क्या भूल गए उन सुदामा...
कविता : एक बाप खुल कर रो भी नहीं सकता, अरे माँ तो रो कर दिल हल्की...
लघुकथा : जीवंत गजल, रविवार की शाम को दोनों जन खचाखच भरे हाल में जा कर बैठ गए।...
समकालीन यथार्थ की गहन पड़ताल करतीं कविताएं… ‘नचिकेता’ शीर्षक कविता में कवि ने मिथक के माध्यम से...














