सुनील कुमार सुख दुःख में काम आती हैं बेटियां जीवन भर साथ निभाती हैं बेटियां मां-बहन बेटी-बहू...
साहित्य लहर
मो. मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर अभी प्रेस भी तुम्हारे पत्रकार भी तुम्हारे हैं छापेख़ाने भी छापो...
आरती त्रिपाठी तेरी दुआयें ही मेरी कमाई है। तेरे कदमों से बरकत आई है। तुझसे ही मैंने...
मो. मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर ज़र्रा ज़र्रा आफताब हो जाते हैं चुनाव जब पास होते हैं...
अशोक शर्मा हे गुरू जी हे गुरू जी चिंता छोड़ीं पाठशाला के। शिक्षा दिक्षा छोड़ चलीं अब...
मो. मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर सखी जब जब आवेला चुनाव देश में, धरकेला करेजवा सबका जाने...
डॉ एम डी सिंह एक थे हम एक रहेंगे प्रतिज्ञा पुनः हम दोहराएं एक मन एक पन...
मृदुला घई लंबी है आज़ादी करोड़ों की आबादी दिल में गम आँखे हैं नम भूख प्यास सताती...
अजय एहसास सुन सुन सुन रे भाई सुन सुन सुन ऊपर से ना अंदर से, नेताओं के...
सुनील कुमार वंदन-नमन-अभिनंदन बारम्बार करते हैं मां शारदे को हम प्रणाम करते हैं। ज्ञान-ध्यान का दीप जला...














