
यह वीआईपी कौन है, इस सवाल का जवाब एसआईटी अब भी खोज रही है। एसआईटी के सदस्य एएसपी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है।
देहरादून। ऋषिकेश के वनंत्रा रिजॉर्ट में कौन सा वीआईपी आने वाला था, यह बात अंकिता की हत्या के एक माह बाद भी राज बनी हुई है। किसी को बचाने की कोशिश हो रही है या फिर वाकई यह वीआईपी कमरे वाली थ्योरी है। इन सब सवालों के जवाब एसआईटी अब तक नहीं खोज पाई है। हालांकि, एसआईटी के अधिकारी अब भी इस दिशा में जांच करने का दावा कर रहे हैं। कुछ अधिकारी वीआईपी कमरे वाली थ्योरी पर भी विश्वास कर रहे हैं।
दरअसल, 18 सितंबर को अंकिता रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। अगले दिन वनंत्रा के मालिक और उसे दोस्तों ने ही पटवारी पुलिस को सूचना दी थी, मगर पटवारी पुलिस अंकिता को खोजने में नाकाम रही। इस पर जांच रेगुलर पुलिस को दी गई। 22 सितंबर को पता चला कि अंकिता की वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दोस्तों ने नहर में धक्का देकर हत्या कर दी थी। अगले दिन अंकिता का शव भी बरामद हो गया। इसके बाद अंकिता और उसके दोस्त की चैट वायरल हुई। इसमें पता चला कि रिजॉर्ट में 19 सितंबर को किसी वीआईपी को आना था।
पुलकित अंकिता पर उसे विशेष सर्विस देने का दबाव बना रहा था। पुलिस ने पुलकित और उसे दो दोस्तों को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वीआईपी की खोज करने में नाकाम रही। बार-बार सोशल मीडिया पर भी इस वीआईपी का नाम पता करने की मांग उठी, लेकिन पुलिस उसका नंबर तक नहीं खोज पाई। हालांकि, इस दौरान वहां आने वाले और रिजॉर्ट को बुक कराने वालों से पूछताछ की गई, मगर इस वीआईपी का पता नहीं चल सका। इस बीच एक बात सामने आई कि वहां पर वीआईपी सूट हैं।
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इनमें ठहरने वालों को ही वीआईपी कहा जाता है, लेकिन जिस तरह से इस रिजॉर्ट में राजनीतिज्ञों का आना जाना लगा रहता था, उससे इस बात को बल मिल रहा था कि यहां वाकई किसी सफेदपोश वीआईपी को आना था। यह वीआईपी कौन है, इस सवाल का जवाब एसआईटी अब भी खोज रही है। एसआईटी के सदस्य एएसपी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है। फिलहाल, साक्ष्यों की एफएसएल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों का संकलन चल रहा है, ताकि जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जा सके।
आरोपियों को पकड़ने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की बात कही थी। बताया जा रहा कि पुलिस मामले में नवंबर माह के शुरुआत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। इसके लिए कुछ रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने पुख्ता जांच के लिए इस केस से संबंधित साक्ष्यों को परीक्षण के लिए केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला चंडीगढ़ भी भेजा था। वहां से रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
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