- बद्रीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका
- हेलीकॉप्टर हादसे की सूचना पर उत्तराखंड में राहत-बचाव अभियान तेज
- मुख्यमंत्री धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश, सभी एजेंसियां अलर्ट
- छह लोगों के सवार होने की सूचना, घटनास्थल की हवाई और जमीनी तलाश जारी
देहरादून। बद्रीनाथ धाम से सहस्त्रधारा आ रहे ट्रांस भारत कंपनी के सिविल हेलीकॉप्टर के चमोली जनपद के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका की सूचना मिलते ही राज्य सरकार और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर बचाव कार्य संचालित करने और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में एसडीआरएफ, सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की तलाश और घटनास्थल तक पहुंचने के लिए जमीनी एवं हवाई स्तर पर सघन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
आपदा प्रबंधन मंत्री ने भी दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी घटना की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों और बचाव एजेंसियों को पूरी तत्परता एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन एवं प्रशासन स्तर पर राहत-बचाव अभियान की लगातार समीक्षा की जा रही है।
मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक लगातार कर रहे निगरानी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगोली तथा पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ भी लगातार घटना पर नजर बनाए हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से उन्हें राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी जा रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि हेलीकॉप्टर से संबंधित घटना की सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई। सभी संबंधित विभागों एवं बचाव एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। घटनास्थल तक शीघ्र पहुंचने और हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की तलाश के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट सवार होने की सूचना
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि शुक्रवार को अपराह्न लगभग 2 बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली से सूचना प्राप्त हुई कि ट्रांस भारत कंपनी का एक सिविल हेलीकॉप्टर पांच यात्रियों और एक पायलट को लेकर बद्रीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर आ रहा था। सेना की सिग्नल सेंटर टीम ने संबंधित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठता हुआ और उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा। इस सूचना के बाद तत्काल विभिन्न बचाव एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।
सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें रवाना
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन चमोली ने राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। इसके साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों को देखते हुए बेस अस्पताल श्रीनगर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन से ली जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से दूरभाष पर जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक स्वयं पूरे घटनाक्रम एवं बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर अधिकारियों ने संभाली कमान
आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी तथा अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी घटना की जानकारी मिलते ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी), देहरादून पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय एवं राहत-बचाव अभियान की निगरानी की। एसईओसी के माध्यम से जिला प्रशासन चमोली, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं अन्य संबंधित एजेंसियों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है।
यूकाडा के दो हेलीकॉप्टरों से हवाई रेकी
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राज्य और जिला स्तर पर सभी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया है। घटनास्थल की स्थिति का पता लगाने और वहां तक पहुंचने के लिए जमीनी एवं हवाई दोनों माध्यमों से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के एक रेकी हेलीकॉप्टर और एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल की हवाई रेकी की जा रही है।
इसके अतिरिक्त सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ की एक अन्य टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं जिला आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल की ओर भेजी गई हैं। सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
चिकित्सा संस्थान हाई अलर्ट पर
किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश, बेस अस्पताल श्रीनगर और संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। चिकित्सा दलों एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और उनके निर्देशों के अनुरूप राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया जा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी संबंधित एजेंसियों को घटनास्थल तक पहुंचने, तलाश एवं बचाव और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा, प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य करने के निर्देश
बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसा, बद्रीनाथ से सहस्त्रधारा हेलीकॉप्टर, हाथी पर्वत हेलीकॉप्टर दुर्घटना, उत्तराखंड हेलीकॉप्टर हादसा, पुष्कर सिंह धामी रेस्क्यू निर्देश, चमोली राहत बचाव अभियान, एसडीआरएफ हेलीकॉप्टर रेस्क्यू, एनडीआरएफ उत्तराखंड, यूकाडा हवाई रेकी, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन



1 thought on “बद्रीनाथ से सहस्त्रधारा आ रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका”