- फर्जी यूटीईटी प्रमाणपत्र से शिक्षक बने तीन लोगों पर पुलिस का शिकंजा
- अल्मोड़ा में फर्जी शिक्षक भर्ती का मामला, तीन आरोपितों पर एफआईआर
- यूटीईटी प्रथम 2024 के प्रमाणपत्र निकले कूटरचित, तीन शिक्षकों पर मुकदमा
- सरकारी नौकरी में फर्जी दस्तावेजों का मामला, शिक्षा विभाग की शिकायत पर जांच शुरू
अल्मोड़ा। फर्जी यूटीईटी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने के मामले में तीन शिक्षकों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शिक्षा विभाग की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभागीय जांच में प्रमाणपत्रों के फर्जी पाए जाने के बाद तीनों शिक्षकों की सेवाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं। तीनों शिक्षक भैंसियाछाना विकासखंड के अलग-अलग राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। जांच में सामने आया कि उनकी नियुक्ति के लिए प्रस्तुत यूटीईटी प्रथम 2024 के प्रमाणपत्रों में गंभीर अनियमितताएं थीं।
भर्ती प्रक्रिया के बाद हुई थी नियुक्ति
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, प्रारंभिक शिक्षा अल्मोड़ा की ओर से 7 नवंबर 2025 को सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 जनवरी को भूपेंद्र कुमार निवासी खड़की, पिथौरागढ़ को राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुनखेत नवीन, अंजना ग्वासीकोटी निवासी तल्ला पानी, पिथौरागढ़ को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बोड़ा और प्रियांशु चंद्र निवासी दमुवाढूंगा को राजकीय प्राथमिक विद्यालय बूढ़ाधौर में नियुक्ति दी गई थी।
जांच में फर्जी पाए गए प्रमाणपत्र
नियुक्ति के बाद शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान तीनों शिक्षकों के यूटीईटी प्रथम 2024 प्रमाणपत्रों पर अंकित अनुक्रमांक परिषद की ओर से जारी नहीं किए जाने की पुष्टि हुई। परिषद की मूल सारणीयन पंजिका में भी तीनों के नाम दर्ज नहीं मिले। इसके अलावा प्रमाणपत्रों पर अंकित क्यूआर कोड भी कूटरचित पाए गए। विभागीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति हासिल किए जाने की पुष्टि की।
सितंबर में समाप्त की गई थी सेवाएं
विभागीय जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) ने 28 सितंबर को तीनों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से पुलिस को तहरीर देकर मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। अब पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रकरण में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने और भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
अल्मोड़ा फर्जी यूटीईटी प्रमाणपत्र, अल्मोड़ा शिक्षक भर्ती मामला, फर्जी यूटीईटी प्रथम 2024, तीन शिक्षकों पर एफआईआर, उत्तराखंड शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा, भैंसियाछाना शिक्षक मामला, अल्मोड़ा शिक्षा विभाग, फर्जी प्रमाणपत्र सरकारी नौकरी, उत्तराखंड शिक्षा समाचार, शिक्षक भर्ती दस्तावेज सत्यापन



1 thought on “फर्जी यूटीईटी प्रमाणपत्र से नौकरी पाने वाले तीन शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज”