- पिथौरागढ़ में एनसीसी की 276 कैडेट्स को पर्वतारोहण प्रशिक्षण
- आईस संस्था दे रही बालिका एनसीसी कैडेट्स को प्रशिक्षण
- आठ राज्यों की कैडेट्स सीखेंगी क्लाइम्बिंग, जुमारिंग और रैपलिंग
- पिथौरागढ़ में छह दिवसीय राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर शुरू
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में आठ राज्यों के 276 बालिका एनसीसी कैडेट्स को पर्वतारोहण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर का विधिवत उद्घाटन एक भव्य समारोह में किया गया। जनपद में साहसिक खेलों के क्षेत्र में सक्रिय संस्था इंट्रिसिक क्लाइंबर्स एंड एक्सप्लोरर्स (आईस) इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कर रही है। एनसीसी महानिदेशालय, दिल्ली के प्रस्ताव पर उत्तराखंड निदेशालय की 80वीं वाहिनी, पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय शिविर का उद्घाटन वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल देवेश सिंह ऐरी ने किया।
शिविर में आठ राज्य निदेशालयों की बालिका कैडेट्स भाग ले रही हैं। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल देवेश सिंह ऐरी ने कहा कि इस प्रकार के शिविर कैडेट्स को साहसिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करते हैं। इनके माध्यम से उनमें आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने सभी कैडेट्स को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक गतिविधि में बटालियन द्वारा नियुक्त प्रशिक्षकों की देखरेख में ही भाग लें तथा उनके दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
क्लाइम्बिंग, जुमारिंग और रैपलिंग का मिलेगा प्रशिक्षण
छह दिनों तक चलने वाले इस शिविर में आठ राज्य एनसीसी निदेशालयों की 276 कैडेट्स को आईस क्लब के कुशल प्रशिक्षक बासु पांडेय के नेतृत्व में पर्वतारोहण से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के अंतर्गत आर्टिफिशियल वॉल क्लाइम्बिंग, जुमारिंग और रैपलिंग जैसी साहसिक गतिविधियाँ शामिल हैं। कैडेट्स को पहले इन गतिविधियों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से पर्वतारोहण की तकनीकों को सीखेंगी। इस दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों, प्रशिक्षकों के निर्देशों के पालन और साहसिक गतिविधियों के व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे
प्रशिक्षण के साथ-साथ शिविर में विभिन्न सह-गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। आठों राज्यों की कैडेट्स के बीच टग ऑफ वॉर प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स को आपसी सहयोग, अनुशासन, टीम भावना और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले इन्हीं आठ राज्य निदेशालयों के बालक वर्ग का राष्ट्रीय पर्वतारोहण शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अब बालिका वर्ग के इस शिविर के माध्यम से कैडेट्स को साहसिक खेलों और पर्वतारोहण का अनुभव प्रदान किया जा रहा है।
अधिकारियों और प्रशिक्षकों की रही उपस्थिति
शिविर के उद्घाटन अवसर पर बटालियन की प्रशासनिक अधिकारी मेजर संध्या सिंह, सूबेदार मेजर ऑनरेरी लेफ्टिनेंट गंगा सिंह, एनसीसी अधिकारी सुनीता, रेखा चौहान, चंद्रिका बेन, श्रुति शर्मा और किमी शर्मा उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त सूबेदार हरेंद्र सिंह, ट्रेनिंग जेसीओ नायब सूबेदार दर्शन सिंह, सीएचएम लोकेंद्र, हरीश, त्रिलोक और मनोज सहित आईस क्लब की नैना बिष्ट, हिमांशी खर्कवाल, गीता उप्रेती, पवन कुमार तथा एवरेस्ट विजेता मनीष कसनियाल भी मौजूद रहे। यह राष्ट्रीय शिविर कैडेट्स को साहसिक गतिविधियों से परिचित कराने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और अनुशासन एवं टीम भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


