
डीएवी इंटर कॉलेज में एनसीसी एवं एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय समर कैंप का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल वर्मा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, संघर्ष और धैर्य को सफलता का आधार बताते हुए अवकाश का सदुपयोग करने की प्रेरणा दी। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा, योग, खेलकूद, व्यक्तित्व विकास और समाजसेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया।
- एनसीसी-एनएसएस संयुक्त शिविर में व्यक्तित्व विकास पर जोर
- समर कैंप में छात्रों को आपदा प्रबंधन और सीपीआर का प्रशिक्षण
- मोबाइल से दूरी, खेल और समाजसेवा से जुड़ने का संदेश
- डीएवी इंटर कॉलेज में सात दिन तक चला बहुआयामी प्रशिक्षण शिविर
देहरादून। डीएवी इंटर कॉलेज में आयोजित सात दिवसीय एनसीसी एवं एनएसएस संयुक्त समर कैंप का समापन समारोह उत्साह और प्रेरणा के वातावरण में संपन्न हुआ। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास से जुड़ी विविध गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर यूथ रेडक्रॉस सोसाइटी के मुख्य आपदा प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, संघर्ष और धैर्य के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए इन तीनों गुणों का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इनमें से किसी एक गुण की कमी भी व्यक्ति के लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में बाधा बन सकती है।
मुख्य अतिथि एवं मुख्य प्रशिक्षक के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों से ग्रीष्मकालीन अवकाश का रचनात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के दौरान देर तक सोना, घंटों मोबाइल फोन, टीवी या लैपटॉप पर समय व्यतीत करना युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को प्रभावित करता है। इसके बजाय विद्यार्थियों को खेल, योग, अध्ययन, समाजसेवा, कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण जैसी सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए फास्ट फूड से बचने और पौष्टिक भोजन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। साथ ही नशे और समाजविरोधी गतिविधियों से दूर रहने का संदेश भी दिया।
शिविर संरक्षक एवं प्रधानाचार्य डॉ. एस. के. श्रीवास्तव ने समर कैंप को सफल बताते हुए इसके आयोजन में योगदान देने वाले सभी प्रशिक्षकों और शिक्षकों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि गर्मी की लंबी छुट्टियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए सबसे उपयुक्त समय होती हैं। इस अवधि में छात्र संगीत, विज्ञान, खेल, तकनीकी कौशल, रोजगारपरक प्रशिक्षण और विभिन्न रचनात्मक परियोजनाओं पर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग कर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की प्रेरणा दी। समापन समारोह के दौरान यूथ रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से डॉ. अनिल वर्मा ने प्रधानाचार्य डॉ. एस. के. श्रीवास्तव को शॉल ओढ़ाकर, बैज लगाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही शिविर में योगदान देने वाले सभी प्रवक्ताओं एवं प्रशिक्षकों को भी अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
एनसीसी नेवल अधिकारी एवं शिविर संयोजक सुधीर पोखरियाल ने बताया कि सात दिवसीय शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद शारीरिक व्यायाम, दौड़, योग और प्राणायाम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को मोबाइल और वीडियो गेम की दुनिया से बाहर निकालकर आउटडोर खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में महापुरुषों के जीवन प्रसंग, प्रेरक विचार, चित्रकला, सुलेख, कविता लेखन, कविता पाठ, देशभक्ति गीत और समसामयिक समाचारों की जानकारी भी दी गई।
मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, ओआरएस घोल बनाने की विधि, सही तरीके से हाथ धोने और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने रक्तदान, नेत्रदान, देहदान, एनीमिया, थैलेसीमिया, डेंगू नियंत्रण, क्षय रोग उन्मूलन, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, वर्षा जल संचयन, जल एवं ऊर्जा संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बबीता सहोत्रा ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, आत्मरक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता से संबंधित विषयों पर मार्गदर्शन दिया। वहीं अंग्रेजी प्रवक्ता श्रद्धा श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा सीखने, प्रभावी संवाद कौशल विकसित करने और व्यक्तित्व निखारने के उपाय बताए।
राजनीति विज्ञान की प्रवक्ता ज्योति कुमार ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारण और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ किया जाए तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है। जीआईसी क्वानू के प्रवक्ता सतेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। टीम लीडर अंजलि चौहान के नेतृत्व में दीप सिंह, अभय, मानसी कुमारी, गौरवी चौहान, वंशिका, अंशिका, आकाश, अपूर्व, संजना, साक्षी, खुशी, चांदनी और उपसन सहित अन्य विद्यार्थियों ने लोकगीतों और देशभक्ति गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित जनों ने सराहा।
समापन समारोह में शिक्षकों, प्रशिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस प्रकार के शिविरों को युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें शिविर संयोजक एवं एनसीसी अधिकारी सुधीर पोखरियाल ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि शिविर में प्राप्त अनुभव और प्रशिक्षण विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।





