
आगरा धर्मांतरण मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड के भोपाल स्थित घर को कुर्क कर बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी कनाडा में छिपकर गैंग को फंडिंग कर रहा था और उस पर पाकिस्तान कनेक्शन के आरोप हैं। पुलिस अब उसके खिलाफ फरारी में चार्जशीट दाखिल कर उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
- धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा, विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान कनेक्शन
- फरार मास्टरमाइंड पर शिकंजा, भोपाल स्थित घर की कुर्की
- कनाडा में छिपे आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया तेज
- 6 राज्यों में फैले गैंग पर कार्रवाई, 13 आरोपी पहले ही गिरफ्तार
आगरा: धर्मांतरण गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मामले के मास्टरमाइंड सय्यद दाउद के भोपाल स्थित घर को कुर्क कर दिया गया है। पुलिस ने घर में मौजूद फर्नीचर और अन्य सामान जब्त करते हुए कोर्ट के आदेश की प्रति भी चस्पा की। यह मामला आगरा के सदर थाना क्षेत्र की दो सगी बहनों के धर्मांतरण से जुड़ा है, जिनकी गुमशुदगी वर्ष 2025 में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें एक संगठित गिरोह में शामिल किया गया था।
पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए 6 राज्यों से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और दोनों बहनों को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह को विदेशी फंडिंग मुहैया कराने की जिम्मेदारी दाउद पर थी, जो फिलहाल कनाडा में छिपा हुआ है। उस पर पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में रहने के भी आरोप हैं। पुलिस के अनुसार वह विदेश में रहकर गिरोह के सदस्यों को निर्देश देता था और गतिविधियों को संचालित करता था।
आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पहले उसके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया था। न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए संपत्ति को जब्त कर लिया। कार्रवाई के लिए पुलिस टीम भोपाल पहुंची और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में कुर्की की प्रक्रिया पूरी की गई। मामले की विवेचना कर रही साइबर क्राइम थाना टीम अब आरोपी के खिलाफ फरारी में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
इसके बाद दूतावास के माध्यम से उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धर्मांतरण गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरे मामले में विदेशी फंडिंग, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और संगठित अपराध के एंगल को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।







