
देहरादून के मालदेवता में नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के तहत तमसा नदी तट पर स्वच्छता अभियान और गंगा आरती आयोजित की गई। कार्यक्रम में छात्रों और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। अभियान के दौरान लगभग 25 कुंतल कूड़ा एकत्र कर निस्तारित किया गया।
- नमामि गंगे के तहत छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान
- गंगा संरक्षण के लिए युवाओं ने उठाया कदम, 25 कुंतल कूड़ा हटाया
- तमसा नदी किनारे स्वच्छता और जागरूकता का संदेश
- “स्वच्छता जीवनशैली है” संदेश के साथ गंगा आरती संपन्न
देहरादून: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता, रायपुर के नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत एक विशेष स्वच्छता अभियान एवं गंगा आरती कार्यक्रम का आयोजन टपकेश्वर महादेव मंदिर के निकट गंगा की सहायक नदी तमसा के तट पर किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व निदेशक उच्च शिक्षा प्रोफेसर अंजू अग्रवाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के स्वागत से हुआ, जिन्हें बैज, पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर नदी संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। छात्रों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए नदी को स्वच्छ रखने का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर अंजू अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “माँ गंगा” केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने विदेशों की स्वच्छ नदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमें भी अपनी गंगा को उसी स्तर पर स्वच्छ बनाने का संकल्प लेना होगा।
प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि गंगा नदी का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गंगा स्वच्छता पखवाड़ा और गंगा आरती जैसे आयोजनों को जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। नोडल अधिकारी डॉ. कविता काला ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि देश की योजनाएं तभी सफल होंगी जब युवा वर्ग सक्रिय रूप से जुड़कर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे अभियान का उद्देश्य केवल नदी की सफाई नहीं, बल्कि आमजन में जागरूकता पैदा करना भी है।
कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. सुमन सिंह गुसाईं ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम हमें स्वच्छता को दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हैं। स्वच्छता अभियान के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने मिलकर लगभग 25 कुंतल गीला कूड़ा एकत्र किया, जिसका उचित निस्तारण किया गया। यह उपलब्धि कार्यक्रम की सफलता और प्रतिभागियों की जागरूकता को दर्शाती है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रोफेसर सुरेश नौटियाल, प्रोफेसर महेंद्र सिंह पवार, प्रोफेसर यतीश वशिष्ठ, प्रोफेसर अनीता चौहान, डॉ. डिंपल भट्ट, डॉ. योगेंद्र नैनवाल, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. रेखा चमोली, डॉ. उमा पपनोई, डॉ. विनोद शाह, डॉ. लीना चौहान सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अनीता चौहान द्वारा किया गया और सभी प्रतिभागियों ने गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन न केवल गंगा को स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम भी बना।





