
हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित रजिस्ट्रेशन सेंटर में केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के लिए पंजीकरण बंद होने पर श्रद्धालुओं ने हंगामा किया। प्रशासन ने बढ़ती भीड़ और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दोपहर बाद पंजीकरण रोक दिए। घंटों लाइन में लगे यात्रियों को बिना रजिस्ट्रेशन लौटना पड़ा, जिससे भारी नाराजगी देखने को मिली।
- चारधाम यात्रा में अव्यवस्था, घंटों लाइन में लगे रहे श्रद्धालु
- भीड़ बढ़ने से प्रशासन सख्त, दोपहर बाद बंद हुए पंजीकरण
- हरिद्वार रजिस्ट्रेशन सेंटर में यात्रियों का फूटा गुस्सा
- केदारनाथ-यमुनोत्री में बढ़ी संख्या, श्रद्धालुओं को लौटना पड़ा मायूस
हरिद्वार। उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा अब अपने चरम पर पहुंच गई है। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के चलते प्रशासन को पंजीकरण प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगानी पड़ी। हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित अस्थायी रजिस्ट्रेशन सेंटर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब दोपहर बाद अचानक पंजीकरण बंद कर दिए गए। घंटों लाइन में लगे श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
पिछले दो दिनों से हरिद्वार और ऋषिकेश में चारधाम यात्रा के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा सीजन के चरम पर पहुंचने के कारण केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में यात्रियों की संख्या तय सीमा से अधिक हो गई है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए सीमित संख्या में ही पंजीकरण करने का निर्णय लिया। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद कर दिए गए, जिससे लंबी कतारों में खड़े यात्रियों में भारी नाराजगी फैल गई। श्रद्धालुओं का आरोप है कि वे पूरी रात लाइन में लगे रहे लेकिन उन्हें समय पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
पहले जहां 24 घंटे पंजीकरण किए जा रहे थे, वहीं अब अचानक काउंटर बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई श्रद्धालु अपने परिवार और बुजुर्गों के साथ धूप और गर्मी में घंटों इंतजार करते रहे। राजस्थान के अजमेर से आईं बुजुर्ग श्रद्धालु प्रेमा देवी ने बताया कि उनका 27 लोगों का दल चारधाम यात्रा के लिए आया है, लेकिन दो दिनों से लगातार प्रयास करने के बावजूद पंजीकरण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को बुजुर्गों और दूर-दराज से आए यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए।
छत्तीसगढ़ से पहुंचे भरातुराम साहू ने बताया कि उनका लगभग 95 लोगों का समूह सुबह सात बजे से लाइन में लगा था, लेकिन दोपहर में अचानक पंजीकरण बंद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि इतनी भीषण गर्मी में यात्रियों को खुले में खड़ा रखना बेहद कठिन है और अब हरिद्वार में रुकने तथा भोजन-ठहरने की अतिरिक्त समस्या भी सामने आ रही है। झारखंड से आए श्रद्धालु फुलेश्वर ने बताया कि वे पिछले दो दिनों से हरिद्वार में भटक रहे हैं। रात दो बजे से लाइन में लगने के बावजूद उनका नंबर नहीं आया।
यात्रियों ने प्रशासन से मांग की कि चारधाम यात्रा के लिए पर्याप्त पंजीकरण व्यवस्था की जाए ताकि श्रद्धालुओं को परेशान न होना पड़े। स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक हंगामे और नाराजगी के बाद अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को अगले दिन सुबह फिर से पंजीकरण शुरू करने का आश्वासन दिया। जिला पर्यटन विकास अधिकारी हरिद्वार सुशील नौटियाल ने बताया कि केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दोपहर बाद पंजीकरण बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगले दिन सुबह से फिर पंजीकरण शुरू किए जाएंगे और श्रद्धालु लाइन में लगकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। चारधाम यात्रा में इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य पंजीकरण केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। बढ़ती संख्या के कारण प्रशासन के सामने व्यवस्थाएं संभालना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।





