
देहरादून के मालदेवता स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का उत्साहपूर्वक समापन हुआ। शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति, मतदाता जागरूकता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य अतिथियों ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित किया।
- NSS शिविर में स्वच्छता और जागरूकता अभियानों की सराहना
- युवाओं में सेवा भावना जगाने वाला NSS कैंप संपन्न
- “Not Me But You” के संदेश के साथ NSS शिविर का समापन
- छात्रों ने रैली, नाटक और सर्वे से किया सामाजिक जागरण
देहरादून: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता, रायपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। ग्राम सभा थेवा, मालदेवता स्थित महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों की भागीदारी रही। समारोह के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के संरक्षक प्राचार्य प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि राजकीय इंटर कॉलेज मालदेवता की प्रधानाचार्य श्रीमती हिमानी बिष्ट रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुआ, जिसमें वरिष्ठ प्रोफेसर यतीश वशिष्ठ ने सभी अतिथियों का अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में प्रोफेसर विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने शिविर के दौरान आयोजित स्वच्छता अभियान, सामाजिक जागरूकता रैलियों, नशा मुक्ति अभियान और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशिष्ट अतिथि हिमानी बिष्ट ने कहा कि NSS का मूल उद्देश्य छात्रों को सामुदायिक सेवा के माध्यम से उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है।
उन्होंने “Not Me But You” के आदर्श वाक्य को लोकतांत्रिक जीवन का सार बताते हुए छात्रों को समाज के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रोफेसर यतीश वशिष्ठ ने सात दिवसीय शिविर का मूल्यांकन प्रस्तुत करते हुए स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों को याद करते हुए कहा कि जीवन ऐसा जिएं कि आने वाली पीढ़ी को आप पर गर्व हो। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में वरिष्ठ प्रोफेसर एम.एस. पवार ने कहा कि NSS शिविर छात्रों को सेवा, समर्पण और अनुशासन की सीख देता है। उन्होंने इसे सामुदायिक जीवन का व्यावहारिक प्रशिक्षण बताते हुए कहा कि इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है। कार्यक्रम के दौरान NSS सदस्य डॉ. श्रुति चौंक्याल ने शिविर की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की, जिसमें स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, मतदाता जागरूकता, नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा और ग्राम सर्वेक्षण जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया। उन्होंने स्वयंसेवकों के समर्पण और सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमन सिंह गुसाईं ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इससे छात्रों को समाज सेवा के प्रति नई प्रेरणा मिली। समारोह में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि द्वारा सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद कुमार शाह ने कुशलता से किया, जबकि आयोजन की सफलता में डॉ. कविता काला, डॉ. कपिल सेमवाल, डॉ. जितेंद्र चौहान सहित अन्य शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। समापन समारोह में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी, वर्तमान एवं पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





