
देहरादून/उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम क्षेत्र में हिमस्खलन से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया और कई फीट बर्फ जमा हो गई है, जिससे आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है। सुरक्षात्मक कार्य के लिए जा रहे मजदूर जानकीचट्टी में फंस गए हैं और आवश्यक सामग्री भी धाम तक नहीं पहुंच पा रही। चारधाम यात्रा नजदीक होने के बावजूद प्रशासनिक तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
- भैरो घाटी में एवलांच से पैदल मार्ग तबाह
- यमुनोत्री धाम में टीनशेड और घोड़ापड़ाव क्षतिग्रस्त
- जानकीचट्टी में फंसे मजदूर, कार्य ठप
- यात्रा से पहले प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम क्षेत्र में हालिया बर्फबारी के दौरान हुए हिमस्खलन (एवलांच) ने भारी तबाही मचाई है। धाम को जोड़ने वाले पैदल मार्ग सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है, जिससे आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर के सामने स्थित घोड़ापड़ाव और आसपास के टीनशेड एवलांच की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा धाम तक पहुंचने वाला पैदल मार्ग भी कई स्थानों पर टूट गया है और पूरी तरह बर्फ से ढक गया है। क्षेत्र में कई फीट तक बर्फ जमा होने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
भैरो घाटी क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां हिमस्खलन के चलते मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके साथ ही नौकैची के आसपास बड़े-बड़े पेड़ टूटकर रास्तों पर गिर गए हैं, जिससे रास्ता साफ करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने धाम का स्थलीय निरीक्षण कर बताया कि हालिया बर्फबारी से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने चिंता जताई कि यात्रा शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से सुधार कार्यों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि सुरक्षात्मक और मरम्मत कार्यों के लिए जा रहे मजदूर भी जानकीचट्टी में ही फंस गए हैं। भारी बर्फबारी और मार्ग अवरुद्ध होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसके चलते धाम में जरूरी निर्माण सामग्री भी नहीं पहुंच पा रही है, जिससे तैयारियों में देरी हो रही है। स्थानीय लोगों और समिति के सदस्यों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मौसम साफ होने के बाद भी अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा नहीं लिया है।
यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मार्ग से बर्फ हटाए जाने की सूचना मिली है और जल्द ही स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। कुल मिलाकर, यमुनोत्री धाम में हिमस्खलन के कारण उत्पन्न हालात ने चारधाम यात्रा की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन के लिए समय रहते प्रभावी कार्रवाई करना बेहद जरूरी हो गया है।








