
मेरठ के रिठानी स्थित एक होटल में तुर्कमेनिस्तान की नागरिक मुहब्बत सुनातोव्ना की हत्या का मामला सामने आया है, जिसकी पहचान पहले अर्चिता अरोड़ा के रूप में की गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पैसों के विवाद के बाद आरोपियों ने होटल में ही उसकी हत्या कर शव को जलाकर मवाना क्षेत्र में फेंक दिया। मुहब्बत अपनी मां के साथ तुर्कमेनिस्तान लौटकर बच्चों के पास जाना चाहती थी, लेकिन इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।
- मेरठ मर्डर केस: अर्चिता नहीं, तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत थी मृत महिला
- होटल में विवाद के बाद हत्या, पहचान छिपाने को जलाया चेहरा
- 500 CCTV खंगालने के बाद खुली मेरठ के ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी
- बच्चों से मिलने की चाह अधूरी, भारत में ही खत्म हुई मुहब्बत की जिंदगी
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में तुर्कमेनिस्तान की नागरिक मुहब्बत सुनातोव्ना (40) की हत्या का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती जांच में जिस महिला की पहचान दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा के रूप में की गई थी, वह दरअसल तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत निकली। पुलिस के अनुसार, मेरठ के रिठानी स्थित एक होटल में मुहब्बत की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने उसका चेहरा और हाथ जला दिए और शव को कार से ले जाकर मवाना क्षेत्र के पास फेंक दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि होटल में शराब पीने के दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद होटल संचालक चंचल कुमार उर्फ बंटी ने अपने साथियों गुरमुख, संदीप और विवेक के साथ मिलकर मुहब्बत की हत्या कर दी। बताया गया कि आरोपियों ने कंबल से मुंह दबाकर उसकी हत्या की और बाद में पहचान छिपाने के लिए चेहरे व हाथों को जला दिया। इसके बाद शव को कार में डालकर मवाना खुर्द चौकी के पास फेंक दिया गया।
इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध कार दिखाई देने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार, कंबल और तेजाब की खाली बोतल भी बरामद कर ली है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुहब्बत की शादी तुर्कमेनिस्तान में हुई थी और वहां उसके दो बच्चे हैं। वह करीब 15 वर्षों से भारत में रह रही थी। हाल ही में उसने अपनी मां गुलनारा को भारत बुलाया था और उनके साथ तुर्कमेनिस्तान लौटकर बच्चों के पास जाना चाहती थी।
मुहब्बत की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी वापस घर लौटने की तैयारी कर रही थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई। शुरुआत में पुलिस को मौके से अर्चिता अरोड़ा नाम का आधार कार्ड मिला था, जिससे मृत महिला की पहचान गलत हो गई थी। बाद में मुहब्बत की सहेली एलीना ने पुलिस को बताया कि आधार कार्ड पर लगी फोटो मुहब्बत की है, लेकिन उसका नाम अर्चिता नहीं है।
इसके बाद एलीना की जानकारी पर उसकी दूसरी परिचित अजीजा मवाना पहुंची और जले हुए शव की तस्वीरें लेकर मुहब्बत की मां को वीडियो कॉल के जरिए दिखाईं। मां ने ईयररिंग और कपड़ों के आधार पर अपनी बेटी की पहचान की। जांच में यह भी सामने आया कि मुहब्बत के पास वैध वीजा नहीं था। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह मानव तस्करी के किसी गिरोह के चंगुल में तो नहीं फंसी थी।
इस मामले में तुर्कमेनिस्तान के दूतावास से भी संपर्क किया गया है और पासपोर्ट की पुष्टि कराई जा रही है। मेरठ के ग्रामीण एसपी अभिजीत कुमार ने बताया कि मामले में तुर्कमेनिस्तान के दूतावास से पत्राचार किया गया है। साथ ही पासपोर्ट की पुष्टि और डीएनए जांच कराई जाएगी। सभी तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।






