
राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल ने अंकिता हत्याकांड को लेकर कांग्रेस पर गैरजिम्मेदाराना राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस साक्ष्यों के इस संवेदनशील मामले को उछालकर प्रदेश का माहौल खराब किया जा रहा है।
- ठोस साक्ष्य लाएं, सरकार हर जांच को तैयार: नरेश बंसल
- आंदोलन अराजक तत्वों के हाथ जाने का खतरा
- कांग्रेस 2027 चुनाव के लिए कर रही है मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल
- दोषियों को उम्रकैद, फिर भी भ्रम फैलाने का आरोप
देहरादून। राज्यसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष नरेश बंसल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और दुखद मामला है, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक हथियार बनाकर उत्तराखंड का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नरेश बंसल ने कहा कि बीते दिनों विरोध प्रदर्शन के नाम पर हुई तोड़फोड़, बैनर फाड़ने और अभद्रता की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि आंदोलन धीरे-धीरे अराजक तत्वों के हाथ में जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज में अस्थिरता भी पैदा करती हैं। नरेश बंसल ने दोहराया कि भाजपा सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह सीबीआई या किसी भी अन्य जांच एजेंसी से जांच कराने से नहीं डरती, बशर्ते आरोप लगाने वाले पक्ष ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के केवल आरोप लगाना न्याय प्रक्रिया का अपमान है।
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उन्होंने बताया कि इस मामले में विस्तृत जांच के बाद दोषियों को अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। न्यायालय में वीआईपी एंगल, घटनास्थल से छेड़छाड़ जैसे सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई और कोर्ट ने इन आरोपों की संभावना से इनकार किया। नरेश बंसल ने कहा कि मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर लोग सुप्रीम कोर्ट तक गए थे, लेकिन वहां से भी किसी अतिरिक्त जांच से इनकार कर दिया गया। वर्तमान में यह मामला अपीलीय न्यायालय में लंबित है, जहां भी नए सिरे से जांच के लिए ठोस साक्ष्यों की आवश्यकता होगी।
राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर इस दुखद घटना को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करके वे न केवल प्रदेश की छवि धूमिल कर रहे हैं, बल्कि दिवंगत बेटी की स्मृति और सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बार-बार बिना सबूत अलग-अलग नाम उछालकर और सीबीआई जांच की मांग की आड़ में भ्रम फैलाने का काम कर रही है। नरेश बंसल ने सवाल उठाया कि कहीं यह प्रयास दोषियों को बचाने की साजिश तो नहीं है।





