
काशीपुर रोडवेज डिपो में डीजल भराने को लेकर बस चालक और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि चालक ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की कोशिश की। मामले में चालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है और उसे रूट से हटा दिया गया है।
- डीजल कम भरने पर भड़का चालक, मारपीट पर उतरा
- काशीपुर डिपो में चालक और प्रभारी के बीच विवाद
- अनुबंधित बस चालक को रूट से हटाया गया
- रोडवेज डिपो में हंगामे के बाद पुलिस जांच शुरू
काशीपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर रोडवेज डिपो में डीजल भराने को लेकर रविवार रात जमकर हंगामा हो गया। डीजल की मात्रा को लेकर हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि अनुबंधित बस चालक और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि गुस्साए चालक ने अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गया। घटना के बाद डिपो प्रशासन ने आरोपी चालक को तत्काल रूट से हटा दिया, जबकि पुलिस को भी मामले की तहरीर सौंप दी गई है।
जानकारी के अनुसार काशीपुर डिपो में रविवार रात करीब आठ बजे काशीपुर-हल्द्वानी रूट पर चलने वाली एक अनुबंधित बस डीजल भरवाने पहुंची थी। डिपो के कनिष्ठ केंद्र प्रभारी अनवर कमाल के मुताबिक बस चालक 61 लीटर डीजल भरने की मांग कर रहा था, लेकिन बस की टंकी में केवल 47 लीटर डीजल ही आ सका। इसी बात को लेकर चालक नाराज हो गया।
आरोप है कि चालक ने डीजल कक्ष में मौजूद कर्मचारियों और कनिष्ठ केंद्र प्रभारी के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और चालक मारपीट पर आमादा हो गया। हालांकि कुछ देर बाद वह वहां से चला गया, लेकिन डिपो के बाहर भी काफी देर तक घूमता रहा, जिससे कर्मचारियों में भय और तनाव का माहौल बना रहा।
घटना के बाद सोमवार को कनिष्ठ केंद्र प्रभारी की ओर से टांडा उज्जैन पुलिस चौकी में आरोपी चालक के खिलाफ तहरीर दी गई। वहीं डिपो प्रशासन ने अनुबंधित बस के मालिक को पूरे मामले की जानकारी देते हुए चालक को तत्काल रूट से हटा दिया।
टांडा उज्जैन पुलिस चौकी प्रभारी हेमचंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
काशीपुर डिपो के सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार आर्य ने बताया कि आरोपी चालक अनुबंधित बस का चालक था और अनुशासनहीनता के चलते उसे रूट से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि डिपो में कर्मचारियों के साथ अभद्रता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना के बाद रोडवेज कर्मचारियों में भी नाराजगी देखी गई। कर्मचारियों का कहना है कि डिपो में कार्यरत कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





