
सीवान जिले के चैनपुर गाँव निवासी रूपेश कुमार को साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत गौरव रत्न सम्मान–2025 से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है और युवा साहित्यकारों को नई प्रेरणा मिली है।
- अरुणाभा वेलफेयर सोसाइटी के महाधिवेशन में मिला सम्मान
- साहित्य और शिक्षा क्षेत्र में रूपेश का उल्लेखनीय योगदान
- चार काव्य संग्रह प्रकाशित, पाँचवीं पुस्तक शीघ्र
- राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से पहले ही अलंकृत
सीवान (बिहार)। बिहार राज्य के सीवान जिले के चैनपुर गाँव निवासी रूपेश कुमार को साहित्य, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए “भारत गौरव रत्न सम्मान–2025” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान अरुणाभा वेलफेयर सोसाइटी (पंजीकृत), फरीदाबाद (हरियाणा) द्वारा आयोजित भव्य महाधिवेशन में प्रदान किया गया, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित कवि, कवयित्रियों और साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य साहित्य एवं सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का सफल आयोजन संस्था की संस्थापिका डॉ. प्रणीता प्रभात और सचिव डॉ. राघवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। सम्मान प्राप्त करने पर रूपेश कुमार ने इसे अपने गुरुजनों, माता-पिता और क्षेत्रवासियों के आशीर्वाद का परिणाम बताया।
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उल्लेखनीय है कि रूपेश कुमार इससे पूर्व भी विश्व भूषण सम्मान, कबीर कोहिनूर सम्मान, भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी सम्मान, एकलव्यम् शिक्षक सम्मान, डॉ. भीमराव अंबेडकर कीर्ति सम्मान, भारती भूषण सम्मान, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, कोशी मंच गौरव सम्मान सहित सैकड़ों राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं।
साहित्यिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही है। अब तक उनके चार एकल काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि उनकी पाँचवीं काव्य कृति “रूप की रश्मि” शीघ्र ही इंक पब्लिकेशन, प्रयागराज से प्रकाशित होने जा रही है। इस पुस्तक का लोकार्पण विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त उनके संपादन में अब तक पाँच साहित्यिक संकलन प्रकाशित हो चुके हैं।
भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी होने के बावजूद रूपेश कुमार ने साहित्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी रचनाएँ देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रही हैं। इस सम्मान से न केवल उनके गाँव चैनपुर, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर क्षेत्र के युवा साहित्यकारों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। रूपेश कुमार को उनके परिजनों, शुभचिंतकों एवं साहित्य प्रेमियों ने हार्दिक बधाइयाँ और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।








