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चुनाव आयोग ने छह राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की निर्धारित समयसीमाओं में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध के बाद राज्यों को रिपोर्ट जमा करने के लिए अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध पर ECI का बड़ा निर्णय
- तमिलनाडु व गुजरात की नई SIR तारीख—19 दिसंबर तक रिपोर्ट
- UP को अब 31 दिसंबर तक रिपोर्ट जमा करने की छूट
- SIR का दूसरा चरण जारी, 12 राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया तेज
नई दिल्ली। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार को बड़ा निर्णय लेते हुए छह राज्यों—उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार—में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की पूर्व निर्धारित समयसीमाओं को बढ़ा दिया। यह फैसला संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) द्वारा भेजे गए अनुरोधों के आधार पर लिया गया है, जिनमें समय का विस्तार आवश्यक बताया गया था। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, तमिलनाडु और गुजरात को अब अपनी SIR रिपोर्ट 19 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) तक निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी।
इससे पहले यह अंतिम तिथि 14 दिसंबर 2025 (रविवार) निर्धारित थी। आयोग ने दोनों राज्यों में चल रही गहन प्रक्रियाओं व स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की समयसीमा को भी बढ़ाकर 23 दिसंबर 2025 (मंगलवार) कर दिया गया है। इससे पूर्व की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 (गुरुवार) थी। इन राज्यों में मतदाता सूची के विस्तृत सत्यापन, संदिग्ध प्रविष्टियों की सफाई तथा नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रियाएं अपेक्षा से अधिक समय ले रही हैं।
UP को सबसे लंबी विस्तार अवधि—31 दिसंबर तक
उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे बड़ा राज्य और सबसे बड़ी मतदाता संख्या वाला क्षेत्र है, को SIR जमा करने के लिए अब 31 दिसंबर 2025 (बुधवार) तक का समय दिया गया है। पहले यह तिथि 26 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) थी। राज्य में मतदाता सूची का सत्यापन कार्य बेहद बड़े पैमाने पर चल रहा है और जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक हजारों अधिकारी इस प्रक्रिया में लगे हुए हैं। आयोग ने माना कि इतनी बड़ी व्यवस्था को समय पर पूरा करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय आवश्यक है। चुनाव आयोग वर्तमान में देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण चला रहा है।
इसमें शामिल हैं — अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल। SIR का पहला चरण बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर में पूरा किया गया था। इनमें से कई राज्यों—जैसे तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल—में वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। असम के लिए चुनाव आयोग ने अलग से विशेष संशोधन प्रक्रिया शुरू की है, क्योंकि वहां की स्थिति और संवेदनशील मानी जाती है। मतदाता सूची के संशोधन का यह कार्यक्रम ऐसे समय में चल रहा है जब कई राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई भी तेज की जा रही है। SIR का मुख्य उद्देश्य—
- जन्मस्थान की जांच,
- संदेहास्पद प्रविष्टियों की पुष्टि,
- अवैध विदेशी प्रवासियों की पहचान
जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करना है। कई राज्यों में SIR का अंतिम व्यापक संशोधन वर्ष 2002–2004 के बीच हुआ था, इसलिए मतदाताओं की वर्तमान वास्तविक स्थिति को अद्यतन करने के लिए यह प्रक्रिया अहम हो जाती है। चुनाव आयोग का यह निर्णय सुनिश्चित करेगा कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन स्थिति में उपलब्ध हो सके।







