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कला का कोई मोल नहीं : माथुर, अंशुल माथुर ने कहा कि कलाकार की कला स्वंय बोली हैं और देखने वाले का न केवल स्वच्छ मनोरंजन ही करती हैं अपितु उनमें सकारात्मक सोच भी विकसित करती है। #कार्यालय संवाददाता
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जोधपुर। कला का कोई मोल नहीं होता हैं अपितु कला अनमोल होती हैं। यह उद् गार कलाप्रेमी अंशुल माथुर ने मदर्स डे पर अपने चित्रों को जन – जन तक पहुंचा कर व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि सच्चा कला प्रेमी वही हैं जो अपने ध्दारा बनाये गये चित्र का अवलोकन भी एक दर्शक बनकर करे और आवश्यक होने पर उसमें उचित संशोधन करें।

अंशुल माथुर ने कहा कि कलाकार की कला स्वंय बोली हैं और देखने वाले का न केवल स्वच्छ मनोरंजन ही करती हैं अपितु उनमें सकारात्मक सोच भी विकसित करती है।
माथुर ने कहा कि कलाकार को अपनी कला व हुनर का जब भी मौका मिले तब उसे निखारते रहना चाहिए।

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Lovely painting.
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