
सुनील कुमार माथुर
देश भर में आज शिक्षा के जो हालात है वे किसी से छिपे हुए नहीं है । प्राइवेट स्कूलों में लूप खसोट मची हुई है वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में पर्याप्त मात्रा में शिक्षको का अभाव , बैढने को कमरे ब बरामदों का अभाव है।
सरकारी स्कूलों में चपरासी नहीं है। यह बात सभी शिक्षा विभाग के अधिकारी , शिक्षा मंत्री व सरकार जानती है फिर आजादी के 75 वर्षो में भी सुधार नहीं हुआ यह एक दुर्भाग्य की बात हैं।
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22 जुलाई 2022 को समाचार पत्र में यह पढकर बेहद खुशी हुई कि उतर प्रदेश के अयोध्या में भीख मांग कर गुजारा करने वाले बच्चों को एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर रंजीत यादव निशुल्क शिक्षा दे रहे है जो वंदनीय और सराहनीय कदम है।
उनकी कक्षा आदि इस वक्त 50 से ज्यादा बच्चें पढ रहे है। इतना ही नहीं वे बच्चों को पाठ्य पुस्तकें और स्टेशनरी भी उपलब्ध कराकर शिक्षा का अलख जगाए हुए है।
अगर गांव-गांव में ऐसे समाज सेवी व सेवाभावी लोग आगे आयें तो देश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा और नये भारत का नव निर्माण होगा। सब-इंस्पेक्टर के प्रयास को हमारा सलाम
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »सुनील कुमार माथुरलेखक एवं कविAddress »33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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