
उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण सूखी ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने देहरादून समेत छह जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है और 15 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है।
- दून समेत छह जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट
- पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर, मैदानी इलाकों में कोहरे की मार
- मौसम विभाग का अलर्ट, दृश्यता हो सकती है प्रभावित
- तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ी लोगों की परेशानी
देहरादून | उत्तराखंड में इस बार सर्दी के मौसम में बारिश और बर्फबारी की बेरुखी का सीधा असर अब आम जनजीवन पर साफ नजर आने लगा है। प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना हुआ है, जिससे तापमान में असंतुलन पैदा हो रहा है और सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर और पाले का असर बना हुआ है, जबकि मैदानी जिलों में घना कोहरा दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने शनिवार, 10 जनवरी को प्रदेश के छह जिलों—देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी—में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह और देर रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका जताई गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में दिन के समय धूप निकलने से ठंड से कुछ राहत मिल रही है, लेकिन सुबह-शाम तापमान गिरने से शीतलहर का प्रभाव बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी मौसम के मिजाज में खास बदलाव के आसार नहीं हैं। 15 जनवरी तक प्रदेशभर में बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
शुक्रवार को देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक बढ़कर 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम होकर 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यही स्थिति प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिली, जहां दिन में हल्की गर्माहट और रात में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ, तो सूखी ठंड का असर और बढ़ सकता है। इससे न केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ेंगी, बल्कि कृषि और बागवानी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल लोगों को ठंड और कोहरे से बचाव के लिए सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।





