सामाजिक सुरक्षा के दायरे में असंगठित क्षेत्र के मजूदर

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चमोली। अंसगठित क्षेत्र के श्रमिकों का राष्ट्रीय डाटाबेस ‘‘ई-श्रम पोर्टल’’ के सफल क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी ने जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक ली। उन्होंने सभी विभागों को असंगठित श्रेत्र के मजदूरों का डाटा निर्धारित प्रारूप में शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ताकि असंगठित क्षेत्र के मजूदरों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत करते हुए उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के सभी मजदूरों का ई-श्रम पोर्टल पर निःशुल्क पंजीकरण किया जा रहा है। ताकि काम के दौरान कोई भी दुर्घटना होने पर पंजीकृत मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के तहत 2 लाख तक का बीमा लाभ मिल सके। असंगठित क्षेत्र में भवन निर्माण करने वाले मजदूर, मीड डे मील, आशा, आंगनबाडी वर्कर, कृषि एवं भूमिधर मजदूर, मनरेगा मजदूर, ईट भट्टा मजदूर, मछुआरें, घरेलू नौकर, लघु दुकानदार, ठेला, फेरी वाले कामगार आदि शामिल है, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है।

सीडीओ ने श्रम परिवर्तन अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विभागों से असंगठित श्रमिकों का डाटा लेकर श्रम मंत्रालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक ब्लाक में शिविर लगाकर श्रमिकों तक योजना का प्रचार प्रसार किया जाए। नगरीय क्षेत्रों में पालिका के वाहनों के माध्यम से श्रमिकों को जानकारी दी जाए। दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टीमों के माध्यम से श्रमिकों का पंजीकरण कराया जाए। श्रम परिवर्तन अधिकारी जयपाल भेंटवाल ने जानकारी दी कि माह दिसम्बर तक सभी असंगठित मजदूरों का पोर्टल में पंजीकरण किया जाना है।

भविष्य में जो भी योजनाएं असंगठित मजदूरों को चलाई जाएगी उसका उन्हें स्वतः ही लाभ मिलेगा। असंगठित क्षेत्र के मजूदर किसी भी सीएससी सेंटर में अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक व मोबाइल नवंबर देकर निःशुल्क पंजीकरण करा सकते है। इस अवसर पर डीडीओ सुमन राणा, डीईओ आशुतोष भण्डारी, सीडीपीओ सोएब हुसैन, सहायक मत्स्य निदेशक जगदम्बां कुमार, सभी नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, सीएससी प्रबंधक सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे।

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