
सुनील कुमार माथुर
मां ने सीखाया था कि
बेटा ! जीवन में सदा सत्य बोलना
सत्य के सिवा कुछ भत बोलना
प्राण जाय पर वचन न जायें
इस बात का सदा ध्यान रखना चूंकि
सत्य की सदा जीत होती हैं
हे मां ! आज आप इस दुनियां में नहीं है
मैं आपकों कैसे समझाऊँ कि
यहां सत्य हार रहा हैं और
झूठ की विजय हो रही है
हर तरफ झूठ का बोलबाला हैं और
सत्य बोलने वाले कि कोई भी नहीं सुनता है
सत्य बोलने वाले को मूर्ख समझा जाता हैं
उसकी खिल्ली उडाई जाती हैं
उसे मूर्ख और गंवार समझा जाता है
मां मैं आपकों कैसे समझाऊँ कि
यहां सत्य पर झूठ हावी हो रहा हैं
सत्य बोलने वाले को दबाया जा रहा हैं
कदम-कदम पर भ्रष्टाचार है
झूठ का बोलबाला हैं
मां मैं अब भी असमंजस की स्थिति में हूं कि
सत्य सही हैं या झूठ चूंकि
सत्य झूठ के सामने पिछड रहा है
सत्य बोलने वाला जब तक
अपना हक कभी कभाद हासिल करता हैं
तब तक
वह इंसान परलोक जा चुका होता हैं
मां ने सीखाया था कि
बेटा ! सदा सत्य बोलना
सत्य के सिवाय कुछ भी मत बोलना
प्राण जाय पर वचन न जायें
इस बात का सदा ध्यान रखना
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »सुनील कुमार माथुरलेखक एवं कविAddress »33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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Absolutely right
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