
रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारा विवाद में तीसरी मंजिल पर डटे सात निहंगों में से तीन नीचे उतर चुके हैं और अब चार निहंग अंदर मौजूद हैं। प्रशासन लगातार वार्ता के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है, जबकि गुरुद्वारा परिसर में भारी सुरक्षा बल तैनात है। बंधक बनाए गए सेवादार की रिहाई के बाद स्थिति में कुछ सुधार आया है, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
- नगरासू गुरुद्वारे में तनाव कम, प्रशासन की वार्ता जारी
- बंधक सेवादार की रिहाई के बाद विवाद सुलझाने की कोशिश तेज
- गुरुद्वारा परिसर में पुलिस, आईटीबीपी और एटीएस की कड़ी निगरानी
- कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े निहंग
रुद्रप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारा विवाद में सोमवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब तीसरी मंजिल पर डटे निहंगों में से दो और निहंग नीचे उतर आए। इससे पहले रविवार को एक निहंग नीचे आ चुका था। अब गुरुद्वारे के भीतर केवल चार निहंग मौजूद हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार संवाद के माध्यम से शेष निहंगों को भी शांतिपूर्वक बाहर लाने और पूरे विवाद का समाधान निकालने में जुटी हुई हैं। जानकारी के अनुसार, सोमवार को नीचे उतरे निहंगों में परमवीर सिंह (33 वर्ष), निवासी मलकपुर, जिला रूपनगर (पंजाब) तथा जगनदीप शामिल हैं।
दोनों के नीचे आने के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही शेष चार निहंग भी बातचीत के जरिए बाहर आ सकते हैं। नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से शुरू हुआ तनावपूर्ण घटनाक्रम अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सात निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए थे और उन्होंने गुरुद्वारे के एक सेवादार सहित दो लोगों को अपने कब्जे में ले लिया था। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस तथा अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में की गई।
रविवार को जिला प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। हालांकि शुरुआती बातचीत में कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका, क्योंकि निहंग कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बावजूद प्रशासन ने संयम और धैर्य के साथ बातचीत जारी रखी, जिसका सकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे सामने आने लगा। रविवार शाम प्रशासन की ओर से दोबारा वार्ता किए जाने के बाद निहंगों ने अपने कब्जे में लिए गए सेवादार नवतेज सिंह को रिहा कर दिया था। इसके साथ ही एक निहंग भी नीचे उतर आया था। सोमवार को दो और निहंगों के नीचे आने से विवाद की तीव्रता में और कमी आई है तथा समाधान की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
घटना के बाद कुछ समय के लिए गुरुद्वारे की धार्मिक गतिविधियां और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई थी। हालांकि रविवार शाम से गुरुद्वारे में अरदास और श्रद्धालुओं का आना-जाना फिर से शुरू हो गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला मूल रूप से आपसी विवाद से जुड़ा हुआ है और प्रशासन इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
फिलहाल गुरुद्वारा परिसर में सुरक्षा का कड़ा घेरा कायम है। प्रशासन और निहंगों के बीच संवाद जारी है तथा अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही शेष चार निहंग भी नीचे उतर आएंगे, जिससे नगरासू गुरुद्वारा विवाद का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सकेगा।





