
सुनील कुमार माथुर
कहते है कि अगर आपके हौसले बुलंद हो तो बाधाएं स्वतः दूर हो जाती हैं । इस कथन को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सिध्द कर दिखाया । कक्षा की मॉनिटर से राष्ट्रपति के पद पर पहुंच कर उन्होंने एक नया इतिहास रच डाला । सादा जीवन और उच्च विचारों वाली इस नारी का जीवन हमारेमंदिप्रेरणादायक व आत्मसात करने वाला है ।
द्रोपदी मुर्मू ने मॉनिटर से राष्ट्रपति के पद तक पहुंच कर यह साबित कर दिया कि सपने देखना कोई बुरी बात नहीं हैं लेकिन सपनें भी देखों तो ऐसे देखों जिन्हें पूरा करने के लिए आप सदैव तत्पर रहें। द्रोपदी मुर्मू जमीन से जुडी महिला होने के नाते वह समाज के निम्न व मध्यम वर्ग के लोगों की पीडा को बहुत अच्छी तरह से समझती है । वे राष्ट्रपति के पद की शपथ भी सादे चप्पल पहन कर ली जिससे साबित होता हैं कि वे झूठी शान शौकत व दिखावें में विश्वास नहीं करती है ।
Government Advertisement...
उनकी सादगी देखकर स्व० प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की याद ताजा हो गई । चूंकि वे भी सादगी के पुजारी थे । उन्होंने भी गरीबी को नजदीक से देखा और देश को अपना अमूल्य योगदान दिया। द्रोपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनते ही तमाम देशवासियों के चेहरे पर एक मधुर मुस्कान छा गयी चूंकि जिस देश को ऐसा संघर्षरत व्यक्तित्व वाला नेता मिला है वह राष्ट्र दिनो दिन प्रगति करता रहेगा।
मुर्मू का जीवन संघर्ष व समर्पण की प्रेरणादायक और गौरवशाली रहा है जिससे हमें प्रेरणा लेकर उसे आत्मसात करना चाहिए । उनके नेतृत्व में देश को एक नई दशा और दिशा अवश्य मिलेगी और नये भारत का सपना साकार होगा।
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »सुनील कुमार माथुरलेखक एवं कविAddress »33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
|---|









Right
True
Right
True
Yes right