मंहगाई की मार से राहत दिलाये

सुनील कुमार माथुर
देश में आज मंहगाई की मार से हर नागरिक परेशान नजर आ रहा हैं । कोरोना महामारी क्या आई सरकार के लिए यह वरदान साबित हुआ । कोरोना महामारी के समय मंहगाई बढनी आरम्भ हुई वह आज तक जारी हैं ।
हां चुनावों के दौरान सरकार सता हथियाने के चक्कर में भले ही कुछ दिन दाम नहीं बढायें लेकिन पिछले दो – ढाई साल में पेट्रोल , डीजल , रसोई गैस , खाध तेलों , किराणा की चीजों के ही दाम नहीं बढायें आपितु रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी लेकिन गैस की टंकी के दामों में कोई कमी नहीं की । इतना ही नहीं वरिष्ठ नागरिकों को रेल में यात्रा के दौरान जो रियायत टिकट पर मिलती थी वह भी बंद कर दी ।
जब राज्य व केन्द्र सरकार स्वंय जनता को नीम्बू की तरह निचोडने लग जायें तो बेचारी जनता क्या करें । आज मंहगाई के खिलाफ कोई भी राजनैतिक दल व संगठन या जनता आवाज नहीं उठा रही हैं चूंकि जनता को दबाया जा रहा हैं । हमारे तमाम जनप्रतिनिधि कुर्सी से जोक की तरह चिपके हैं और देश को दीमक की तरह खा रहे हैं । अगर देश में मंहगाई की मार इसी तरह से जारी रही तो आने वाले कुछ वर्षों में कहीं भुखमरी न फैल जायें ।
सरकारें कम्पनियों को मुनाफा दिला रही हैं । उन्हें आर्थिक संकट से उभार रही हैं लेकिन जनता-जनार्दन की कोई चिंता उसे नहीं है । कर्मचारियों के वेतन व भते बढाने के लिए सरकार के पास धन नहीं है । जब भी वेतन व भते बढाने के लिए कहो तब एक ही जवाब हैं खजाना खाली हैं तो फिर विधायकों व सांसदो के वेतन व भते बढाने के लिए धन कहा से आता हैं ।
भारत सोने की चिडियां था जिसे बाहरी शासकों ने नहीं अपितु अपने ही देश के लोगों ने लूटा हैं और अब भी लूट रहें है । कहते हैं कि मंहगाई अभी और बढेगी जो पहले से ही आसमान पर हैं । सरकारे तत्काल कीमतों को बढने से रोकने का प्रयास करे व बढी हुई कीमतों में भारी कटौती कर जनता-जनार्दन को इस मंहगाई की मार से राहत दिलाये । समस्या तो समाधान चाहती है न कि दलगत राजनीति ।
आज देश में जो आपराधिक घटनाओं की की बाढ सी आई हुई है उसका मूल कारण बढती शिक्षित बेरोजगारी व बढती मंहगाई ही हैं । आपराधिक घटनाएं रोकना तभी संभव होगा जव हर हाथ को काम मिले । हर व्यक्ति को अपने – अपने काम के अनुरूप वाजिब वेतन व सुविधाएं मिलें । उनका शारीरिक व मानसिक शोषण न हो । सरकार जनता को रियासती दरों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायें।
¤ प्रकाशन परिचय ¤
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From »सुनील कुमार माथुरलेखक एवं कविAddress »33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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