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कर्मो का फल, आज समाज में जो बेईमानी का दौर चल रहा हैं उसके चलते भले ही हमें न्याय मिलने में देरी हो जाये लेकिन आखिर जीत सच्चाई की ही होती है। इसलिए सदैव सत्य के मार्ग पर ही चलें। ✍🏻 सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)
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प्राय : लोग कहते है कि मेरे साथ ही हर वक्त बुरा क्यों होता हैं। मैंने किसी का बुरा नहीं किया। किसी को पीडा नहीं दी। हर वक्त प्रभु के नाम का स्मरण करता हूं, फिर भी न जाने ईश्वर मुझ से नाराज क्यों हैं। जिनके साथ ऐसा होता हैं वे यह भूल जाते हैं कि यह हमारे कर्मो का ही फल हैं। हमने पूर्व जन्म में जो बुरे कर्म किये उसी का फल अब भोग रहें हैं।
इसलिए जीवन में सदैव श्रेष्ठ कर्म करे। चूंकि हमारे कर्मो का फल हमें ही भोगना है किसी और को नहीं। प्रभु तो बडे ही दयालु है। कृपानिधान है। अत : नियमित रूप से ईश्वर की अनन्य भक्ति करे। सभी के साथ प्रेम पूर्वक व्यवहार करे़। मन रूपी मंदिर में सभी को समान स्थान दे।
रिश्तों को मजबूत बनाये और उन्हें टूटने न दें। हमें अपने कर्मों का फल भोगना ही पडता है। इसलिए दीन दुखियों की व जरूरतमंद लोगों की सेवा करे। सदैव सत्य के मार्ग पर ही चलें। जो सत्य के मार्ग पर चलते हैं वे जीवन में कभी भी असफल नहीं होते हैं।
आज समाज में जो बेईमानी का दौर चल रहा हैं उसके चलते भले ही हमें न्याय मिलने में देरी हो जाये लेकिन आखिर जीत सच्चाई की ही होती है। इसलिए सदैव सत्य के मार्ग पर ही चलें। ईश्वर भी उसी की मदद करता हैं जो सत्य के मार्ग पर चलता हैं और अनेक बाधाओं के बावजूद कभी भी अपने सत्य के मार्ग से विचलित नही होता हैं।
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