
दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ सीनियर छात्रों द्वारा मारपीट और रैगिंग का मामला सामने आया है। कॉलेज प्रशासन ने प्रकरण को एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपते हुए जांच शुरू कर दी है।
- जबरन बाल कटवाने का भी लगाया गया आरोप
- पीड़ित और आरोपी छात्रों के बयान दर्ज
- कॉलेज प्रशासन ने दिखाई सख्ती
- रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की गंभीर घटना सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आ गया है। एमबीबीएस बैच 2025 के एक छात्र के साथ सीनियर छात्रों द्वारा मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने मामले को कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दिया है।
आरोप है कि 12 जनवरी को एमबीबीएस बैच 2024 और 2023 के दो सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र के साथ बेल्ट और चप्पलों से मारपीट की। इतना ही नहीं, पीड़ित छात्र पर जबरन बाल कटवाने का दबाव भी बनाया गया। घटना के बाद छात्र ने इसे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न बताते हुए वार्डन और प्राचार्य को लिखित शिकायत दी।
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मामले की जांच कर रही एंटी रैगिंग कमेटी की अध्यक्ष डा. गजाला रिजवी ने शनिवार को पीड़ित छात्र के साथ-साथ दोनों आरोपी छात्रों को बुलाकर विस्तृत बयान दर्ज किए। कमेटी ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं, परिस्थितियों और आरोपों को गंभीरता से सुना है। जरूरत पड़ने पर अन्य छात्रों और स्टाफ से भी पूछताछ की जा सकती है।
कॉलेज की प्राचार्य डा. गीता जैन ने बताया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। फिलहाल कमेटी की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन जैसे ही रिपोर्ट आएगी, उसकी संस्तुतियों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग और हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाती है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज प्रशासन को उम्मीद है कि सोमवार तक जांच रिपोर्ट या कोई ठोस निर्णय सामने आ सकता है।





