परीक्षा केन्द्रों की भौगोलिक परिस्थितियों एवं मानकों पर विचार विमर्श

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(देवभूमि सामचार)

चमोली। उत्तराखण्ड परिषदीय परीक्षा वर्ष-2023 की तैयारियों को लेकर गुरूवार को मुख्य विकास अधिकारी डा.ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में परिषदीय परीक्षा केन्द्र निर्धारण समिति की बैठक हुई। जिसमें नवीन परीक्षा केन्द्रों के लिए मिले प्रस्तावों, संवदेनशील एवं अधिक दूरी वाले परीक्षा केन्द्रों पर विचार विमर्श एवं चर्चा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि ऐसे परीक्षा केन्द्र जिनकी दूरी 10 किलोमीटर से अधिक है और मुख्य मार्ग नही है, ऐसे विद्यालयों के छात्र हित में नवीन परीक्षा केन्द्र बनाने हेतु प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। सभी परीक्षा केन्द्रों पर विद्युत, पेयजल, शौचायल, फर्नीचर इत्यादि व्यवस्थाओं की भंलीभांति जांच कर ली जाए। जहां पर कोई कमी है, उसे समय रहते उसको दूर करें।

इस दौरान प्रस्तावित नए परीक्षा केन्द्रों की भौगोलिक परिस्थितियों एवं मानकों पर भी विचार विमर्श किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप गैरोला ने बताया कि वर्ष 2022-23 में हाईस्कूल परीक्षा के लिए 102 एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा के लिए 100 केन्द्र बनाए गए है। इस वर्ष 6088 छात्र-छात्राएं हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होंगे। जिसमें 3279 छात्र तथा 2809 छात्राएं है। इण्टरमीडिएट परीक्षा में 3389 छात्र तथा 3045 छात्राओं सहित कुल 6434 विद्यार्थी शामिल होगे।

जिले में 26 परीक्षा केन्द्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अतिसंवेदन शील में कोई भी परीक्षा केन्द्र नही है। राइका गोपेश्वर, कर्णप्रयाग तथा थराली को संकलन केन्द्र बनाया गया है। बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी डा.भाष्कर बेबनी, प्रधानचार्य ललित मोहन बिष्ट व केएस बडवाल, बीईओ प्रतिनिधि जेएस माहिरा, आशीष रावत, एचएल आगरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गजेन्द्र लाल टम्टा, परीक्षा प्रभारी संतन रावत आदि उपस्थित थे।

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