‘कोरोना की दो बूंद’ अभियान चलाया जाए

ओम प्रकाश उनियाल
कोरोना की चौथी लहर भारत में भी अपना रंग दिखाने लगी है। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना तेजी से फैल रहा है। अन्य अनेक जगह कोरोना धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा है। जितना लोग लपरवाही बरत रहे हैं उतनी इसके ज्यादा और जल्दी फैलने की संभावना बढ़ रही है।
सरकार कोरोना अनुरूप व्यवहार करने का पाठ पढ़ाती जा रही है लेकिन जनता की समझ में फिर भी कुछ नहीं आ रहा है। लोगों ने तो मास्क लगाना तक छोड़ दिया। विभिन्न समरोहों, बाजारों व सर्वजनिक स्थलों पर भीड़-भाड़ जुटने के दृश्य नजर आ रहे हैं। कोरोना का भय किसी को नहीं है। कई जगह मास्क न पहनने वालों के पुलिस ने चालान काटने शुरु करके अपना राजस्व बढ़ाना शुरु कर दिया है।
लेकिन जनता फिर भी लापरवाही बरत रही है। लोगों की दलील है कि सरकार की तरफ से सबकुछ खुला है तो फिर पाबंदी क्यों? हालांकि, इस प्रकार की दलीलें देने वाले नासमझ ही कहे जा सकते हैं। बचाव तो हरेक को अपना और अपने परिवार का करना है। सरकार तो नियम और निर्देश ही जारी कर सकती है।
अनुपालन करना तो आम लोगों का दायित्व बनता है। भारत सरकार ने जिस प्रकार से महामारी की पिछली लहरों में बचाव के जितने भरसक प्रयास किए जाने चाहिए थे किए। अब भी हर क्षण स्थिति संभालने को तैयार है। भारत सरकार पांच साल से ऊपर की उम्र वालों के टीकाकरण पर भी विचार कर रही है।
सरकार को पांच साल से कम आयु वालों के लिए भी ड्रॉप्स की व्यवस्था करनी चाहिए। क्योंकि, इस उम्र के बच्चों में संक्रमण जल्दी फैलता है। पोलियो की ‘दो बूंद….’ अभियान की तरह कोरोना की दो बूंद अभियान भारत सरकार को चलाना होगा। नन्हें बच्चों के भविष्य का सवाल है?
¤ प्रकाशन परिचय ¤
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From »ओम प्रकाश उनियाललेखक एवं स्वतंत्र पत्रकारAddress »कारगी ग्रांट, देहरादून (उत्तराखण्ड) | Mob : +91-9760204664Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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