
उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के गढ़वाल सीट के निदेशक मनोज पटवाल ने कहा कि कांग्रेस से किक आउट हुई पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की चुनाव हारने के बाद बौखलाहट इतनी बढ़ गई है कि वे भर्ती घोटाले पर धरना देने पहुंच गए।
उन्होंने कहा उन्हें पता ही नहीं है की सहकारिता भर्ती घोटाला किसने किया और किसने इसकी जांच बैठाई उन्होंने कहा कि में गणेश गोदियाल को इतना बता दु कि इस भर्ती घोटाले की स्वयं सहकारिता मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने जांच बिठाई और सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कई बार अपने बयान में कहा है कि अगर विभागीय जांच सही तरीके से नही होगी तो हमारी सरकार एसआईटी की जांच करवाएगी।
मनोज पटवाल ने कहा की जब प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लगी हुई थी तब कुछ अधिकारियों ने आनन फानन में भर्ती प्रक्रिया करवाई थी। उन्होंने कहा जैसे ही सहकारिता मंत्री को इस भर्ती में घोटाले की शिकायत मिली उन्होंने तुरंत सहकारिता सचिव को निर्देशित करते हुए भर्ती को रुकवाकर जांच के आदेश दिए और बैंक के अधिकारियों को निलम्बित किया।
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श्री पटवाल ने कहा कि गणेश गोदियाल को अपने आप को देखना चाहिए कि जा उन्होंने राठ के भोले भाले लोगो से लाखों रुपए इकट्ठा किये थे और उन्हें सब्जबाग दिखाए थे कि में तुमारे लिए फ़ूड पार्क बनाऊंगा मनोज पटवाल ने कहा कि गोदियाल जी एक बार उन लाखो रुपए का हिसाब दे दे या फ़ूड पार्क दिखा दे।
श्री पटवाल ने कहा वैसे इसमें गणेश गोदियाल का कसूर नही है बेचारे एक तो हार से बौखला रखे है दूसरा चुनाव के दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुये अपनी पार्टी के कई टिकट बेचे और चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा जिस कारण उन्हे पार्टी अध्यक्ष से हटना पड़ा। उन्होंने कहा कि श्री गोदियाल ने ऐसे कॉलेज अपनी पढ़ाई करी जिस कॉलेज का निर्माण उन्होंने स्वयं किया है इससे पता चलता है झुठ फरेब तो उनकी रग रग में बसा है।
Source : मनोज पटवाल, निदेशक, उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक




