
(देवभूमि समाचार)
दिनांक 16-03-2022 को अपराह्न 3:00 बजे बिहार बोर्ड ने १२वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित किए। परीक्षा परिणाम बेहद ही शानदार रहा सभी विद्यार्थियों का। प्रथम बार संदीप ने बारवीं कक्षा के महज छः छात्राओं को पढ़ाया था, जो कि बेहद ही साधारण परिवार से थे, पर उन छात्राओं ने बेहतर अंक बोर्ड की परीक्षा में लाकर असाधारण कार्य किया है। उत्तीर्ण हुए छात्राओं के नाम अंकानुसार- पूजा कुमारी, ऋकम कुमारी, काजल कुमारी, नीलम कुमारी, नेहा कुमारी, माला कुमारी।
तीव्र बुद्धि के विद्यार्थी बेहतरीन अंक हासिल करते हैं तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं होती पर कमज़ोर विद्यार्थी भी समय को महत्व देते हुए यदि परीक्षा की तैयारी बेहतर ढ़ंग से करें तो अवश्य ही बेहतरीन परिणाम ला सकते हैं। उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों में सभी कहीं न कहीं प्रारंभ में कमज़ोर थे, पर उत्तीर्ण हुए इन विद्यार्थियों ने एक वर्ष की अथक मेहनत से बोर्ड की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर परिवार का नाम रोशन किया है।
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बिहार राज्य के सिमरा ग्राम में संदीप कुमार गुरु दीक्षा क्लासेज चला रहे हैं। प्रथम से दशम् वर्ग तक के विद्यार्थियों को संदीप विगत पाँच बरसों से पढ़ा रहे हैं, बच्चों ने विगत पाँच बरसों के दौरान बेहतर अंक भी हासिल किए हैं बोर्ड परीक्षा में, पर संदीप स्वयं को इसका श्रेय नहीं देते हैं।
आज भी जब इनके शैक्षणिक संस्थान से बारवीं की छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं, तो इनका कहना है कि असल मेहनत तो विद्यार्थी करते हैं, तो विद्यार्थियों के अच्छे परिणाम हेतु विद्यार्थी को ही श्रेय जाना चाहिए साथ ही उनके अभिभावकों को जो उन्हें बेहतर आदर्श संस्कार देते हैं। संदीप ने कहा कि उन्हें इन विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को लेकर कोई विशेष चिंता नहीं थी, क्योंकि उन्हें अपने विद्यार्थियों पर पूरा विश्वास था कि पढ़ने वाले छः विद्यार्थी अवश्य ही बेहतरीन अंक हासिल करेंगे बेशक श्रेणी प्रथम लाएं अथवा द्वितीय।
संदीप पढ़ने वाली छात्राओं को बहन का दर्जा देते हैं, और छात्रों को भाई का दर्जा देते हैं और उन्होंने कहा कि आज जब अपनी बहनों को उत्तीर्ण होता अपनी आँखों से देखा तो उस क्षण मैं स्वयं को सौभाग्यशाली समझा और इसके लिए ईश्वर का धन्यवाद ज्ञापित किया। संदीप ने उत्तीर्ण हुए छात्राओं को साथ ही उनके अभिभावकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया की अभिभावकों ने उनपर विश्वास कर ज्ञानर्जन हेतु उनके पास भेजा।
संदीप ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में कोचिंग चलाकर जीवन यापन करना अत्यंत कठिन कार्य है, अनगिनत समस्याएं भी आती हैं आर्थिक संबंधित, पर उन्हें गर्व है स्वयं पर कि वे ग्रामीण परिवेश में कोचिंग संस्थान चलाकर बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं। आगामी बोर्ड की परीक्षा तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान करते हुए संदीप ने कहा कि बोर्ड की परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थी वर्ष भर कठिन श्रम करें, वर्ष भर यदि समय को महत्व दें तो बच्चे निश्चित ही बेहतरीन परिणाम ला सकते हैं।
समाचार स्त्रोत : कुमार संदीप







