- बदरीनाथ हेलीकॉप्टर हादसा: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
- बदरीनाथ धाम की मर्यादा बनाए रखने पर संत अविमुक्तेश्वरानंद का जोर
- हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच हो उच्चस्तरीय, धाम में मनोरंजन पर लगे रोक
- बदरीनाथ धाम में डीजे और व्यावसायिक आयोजनों पर प्रतिबंध की मांग
गोपेश्वर (चमोली)। ज्योतिष्पीठ के संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की बीते दिन हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई असमय मृत्यु पर गहरा दुख जताया और दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारों को संबल देने की प्रार्थना की। संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने बदरीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा, पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने पर जोर दिया।
उनके वक्तव्य के अनुसार, धाम परिसर और यात्रा मार्ग पर डीजे बजाना, नाच-गाना और मनोरंजन कार्यक्रम तीर्थस्थल की गरिमा के विपरीत हैं। धर्मशास्त्रों और लोक आस्था का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि में मर्यादा का उल्लंघन दैवीय शक्तियों के असंतोष और प्रकोप का कारण बनता है। धाम की मौलिक और आध्यात्मिक प्रकृति सुरक्षित रखी जानी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से हेलीकॉप्टर हादसे की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। जांच में तकनीकी खामी, मौसम की अनदेखी और व्यावसायिक आपाधापी सहित संभावित कारणों की पड़ताल की जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए उड्डयन सुरक्षा मानक कड़े करने की भी मांग की गई। साथ ही, धाम क्षेत्र में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाले डीजे, नाच-गाने और व्यावसायिक आयोजनों पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए स्पष्ट और कठोर नीति बनाने की मांग उठाई।
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