- बर्फबारी की आशंका के बीच 5 नवंबर को आदि कैलास मंदिर के कपाट होंगे बंद
- आदि कैलास यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु ध्यान दें, कपाट बंद होने की तिथि घोषित
- शीतकाल की तैयारी: 5 नवंबर के बाद आदि कैलास मंदिर में नहीं होंगे दर्शन
- आदि कैलास मंदिर के कपाट बंद होंगे, इनर लाइन परमिट फिलहाल जारी रहेंगे
धारचूला। मौसम में बदलाव और बर्फबारी की आशंका को देखते हुए आदि कैलास मंदिर के कपाट आगामी 5 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर के कपाट बंद करने का निर्णय आदि कैलास विकास समिति, ग्रामीणों और मंदिर के पुजारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से लिया गया है। आदि कैलास विकास समिति के अध्यक्ष नगेंद्र सिंह कुटियाल और पुनीत सिंह कुटियाल ने बताया कि ग्रामीणों तथा मंदिर के पुजारी गोपाल सिंह और वीरेंद्र सिंह के साथ बैठक कर परिस्थितियों पर चर्चा की गई।
इसके बाद 5 नवंबर को विधि-विधान के साथ मंदिर के कपाट बंद करने का निर्णय लिया गया। समिति ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से अपील की है कि मंदिर के कपाट बंद होने की निर्धारित तिथि को ध्यान में रखते हुए ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। पांच नवंबर के बाद आदि कैलास मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं हो सकेंगे।
फिलहाल जारी रहेंगे इनर लाइन परमिट
दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से अभी इनर लाइन परमिट जारी किए जाते रहेंगे। उप जिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि फिलहाल इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौसम के प्रतिकूल होने और परिस्थितियों के अनुसार इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया बंद की जाएगी। ऐसे में आदि कैलास यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का ध्यान रखना होगा।
बर्फबारी के मद्देनजर लिया गया निर्णय
उच्च हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों के दौरान मौसम तेजी से बदलता है। बर्फबारी और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए मंदिर के कपाट बंद करने का निर्णय लिया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यात्रा से पहले संबंधित प्रशासन और समिति से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आदि कैलास मंदिर कपाट बंद, आदि कैलास 5 नवंबर 2026, आदि कैलास यात्रा, धारचूला आदि कैलास, आदि कैलास मंदिर दर्शन, उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन, आदि कैलास विकास समिति, इनर लाइन परमिट धारचूला, आदि कैलास शीतकालीन यात्रा, पिथौरागढ़ पर्यटन समाचार



1 thought on “आदि कैलास मंदिर के कपाट 5 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे”