- बच्चों को अनुशासन का महत्व समझाती बाल कविता
- माता-पिता का सम्मान और सेवा भाव अपनाने का संदेश
- मेहनत, साहस और नियमित दिनचर्या से मिलेगी मंजिल
- भुवन बिष्ट की कविता में संस्कारों और अनुशासन की सीख
रचनाकार — भुवन बिष्ट
मौना (रानीखेत), उत्तराखंड
जीवन में अनुशासन सबका,
होना बहुत जरूरी है।
माता-पिता का आज्ञाकारी,
बनना सबको जरूरी है।
सम्मान सभी को गुरुजनों का,
हर पल करना जरूरी है।
सेवा भाव हम सबको मन में,
जगाना बहुत जरूरी है।
यह तम के फैले अंधकार को,
मिटाना अब जरूरी है।
जीवन में अनुशासन सबका,
होना बहुत जरूरी है।
ज्ञान को पाने के लिए हमें,
पढ़ना-लिखना जरूरी है।
कठिन राहों पर चलने को,
साहस होना जरूरी है।
मंजिल पाने के लिए सबको,
मेहनत करना जरूरी है।
दिनचर्या को संयमित, नियमित,
बनाए रखना जरूरी है।
जीवन में अनुशासन सबका,
होना बहुत जरूरी है।
गांवों में भूमि देवता के रूप में पूजे जाते हैं गोलज्यू महाराज
जीवन में अनुशासन, बाल कविता जीवन में अनुशासन, भुवन बिष्ट कविता, बच्चों के संस्कार, अनुशासन का महत्व, माता-पिता का सम्मान, गुरुजनों का आदर, मेहनत और सफलता, बच्चों के लिए प्रेरणादायक कविता, उत्तराखंड के साहित्यकार




1 thought on “कविता : जीवन में अनुशासन का महत्व”