- न्याय के देवता गोलज्यू महाराज के प्रति ग्रामीणों की अटूट आस्था
- भूमियां देवता के रूप में भी पूजे जाते हैं गोलज्यू महाराज
- कुमाऊं के गांवों में लोकदेवताओं के मंदिरों का विशेष महत्व
- सुख-समृद्धि और न्याय के लिए गोलज्यू महाराज की आराधना
भुवन बिष्ट / रानीखेत, उत्तराखंड
देवभूमि उत्तराखंड को देवताओं की तपोभूमि के नाम से भी जाना जाता है। इसके कण-कण में देव विराजमान हैं, इसलिए इसे देवभूमि भी कहा जाता है। देवभूमि उत्तराखंड के गांवों में लोकदेवताओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था होती है। देवभूमि उत्तराखंड के गांवों में लोकदेवता के रूप में गुरु गोरखनाथ, हरज्यू देवता, सैमज्यू, भूमियां देवता, न्यायी गोलज्यू महाराज, नरसिंह, कालिका माता, देवी आदि देवी-देवताओं को प्रमुखतः लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। इन लोकदेवताओं में गोलू देवता को प्रमुख रूप से न्याय देवता के रूप में पूजा जाता है।
देवभूमि उत्तराखंड के ग्रामीण अंचलों में न्याय के देवता गोलज्यू महाराज को भूमियां देवता तथा भूमि देवता के रूप में पूजा जाता है। न्यायप्रिय गोलू देवता को न्याय का देवता, गोलज्यू महाराज, बाला गोरिया के नाम से भी जाना जाता है तथा गांवों में भूमियां देवता तथा भूमि देवता के रूप में इनकी पूजा की जाती है। ग्रामीण अंचलों में इन्हें सारी भूमि का राजा माना जाता है, जिससे इन्हें भूमियां देवता कहा जाता है। देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं के चंपावत में गोलज्यू महाराज का प्रमुख मंदिर माना जाता है। कुमाऊं में घोड़ाखाल, चंपावत तथा चितई में गोलू देवता के मंदिर हैं।
देवभूमि में गोलू देवता न्यायी देवता के रूप में पूजे जाते हैं। गोलज्यू महाराज, जिन्हें भूमियां देवता भी कहा जाता है, उत्तराखंड के न्यायप्रिय देव हैं। इनके दरबार में लोग न्याय की आशा में आते हैं और उचित न्याय पाकर गोलज्यू महाराज की जय-जयकार कर वापस जाते हैं। देवभूमि उत्तराखंड के न्यायी लोकदेवता यहां के जनमानस के इष्ट देवता ग्वेल ज्यू, गोलू देवता, गोलज्यू महाराज, भूमियां देवता, बाला गोरिया की अपनी एक अलग पहचान एवं शक्ति है।
इन्हें न्यायकारी, कृष्णावतारी एवं दूधाधारी आदि विशेषणों से विभूषित किया जाता है। त्वरित न्याय देने में यह विश्वास रखते हैं और फरियादी की फरियाद को सुनते हैं। देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं में अधिकांश गांवों में लोकदेवता गोलज्यू महाराज के मंदिर बने हुए हैं। यहां पर समय-समय पर ग्रामीणों द्वारा विभिन्न धार्मिक आयोजनों को किया जाता है। लोकदेवता के मंदिरों में विभिन्न आयोजनों के दौरान गांव-समाज की खुशहाली और समृद्धि के लिए सामूहिक रूप से लोकदेवता से प्रार्थना की जाती है।
लोकदेवता के रूप में पूजे जाते हैं ये देवी-देवता
देवभूमि उत्तराखंड के गांवों में लोकदेवता के रूप में गुरु गोरखनाथ, हरज्यू, सैमज्यू, भूमियां देवता, न्यायी गोलज्यू महाराज, नरसिंह, कालिका माता, देवी आदि देवी-देवताओं को प्रमुखतः लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। हर गांव में इनके मंदिर बने होते हैं और समय-समय पर इनमें धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
गोलज्यू महाराज, गोलू देवता उत्तराखंड, न्याय के देवता, भूमियां देवता, भूमि देवता, कुमाऊं के लोकदेवता, चितई गोलू देवता मंदिर, घोड़ाखाल मंदिर, चंपावत गोलज्यू मंदिर, उत्तराखंड की लोकआस्था




1 thought on “गांवों में भूमि देवता के रूप में पूजे जाते हैं गोलज्यू महाराज”