- मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से मिलती है सफलता
- सा रे गा मा पा के मंच पर गायकों की शानदार प्रस्तुतियां
- 40 में से 40 अंक पाकर कलाकारों ने बटोरी वाहवाही
- संगीत की स्वर लहरियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
सुनील कुमार माथुर
स्वतंत्र लेखक व पत्रकार, जोधपुर, राजस्थान
सफलता की सीढ़ियां एक दिन में नहीं चढ़ी जाती हैं, उसके लिए नीयत सही रखिए। मेहनत करें, धैर्य रखें और निरंतर सीखते रहिए। हार न मानें, एक दिन सफलता अवश्य ही मिलेगी। हर शनिवार व रविवार को जी टीवी पर दिखाए जाने वाले कार्यक्रम सा रे गा मा पा में गीत गाकर गायक कलाकारों ने यह साबित कर दिया कि अगर आप दिल से अपने हुनर को प्रस्तुत करते हैं और मंच पर अपनी शानदार प्रस्तुति देते हैं, तो संगीत की स्वर लहरियों से दर्शक अवश्य ही झूम उठेंगे।
सा रे गा मा पा के मंच पर शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को गायक कलाकारों ने जो अपनी जगह बनाई है, वह काबिले तारीफ है। वह उनकी शानदार प्रस्तुति, इस मंच तक पहुंचने के लिए उनका धैर्य, सहनशीलता, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास का ही परिणाम है। वैसे भी कहा जाता है कि जिसकी सांवरे से प्रीत है, उसकी हर जगह जीत है।
गीतकार गीत बागड़े, सहज दीप सिंह, श्रद्धा श्री, शिवानी स्वामी, अतुल राव व यश जैन ने शानदार गाने गाकर 40 में से 40 अंक हासिल किए। अतुल राव के गाए गीत को सुनने के बाद निर्णायक मंडल के निर्णायक कुमार सानू ने अपनी हाथ घड़ी खोलकर राव को पहना दी।
रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को गीताश्री चौधरी, दुर्गेश यादव, मीर जुल्फिकार, कदंब चौहान, मिन्हा फातिमा, अयन भट्टाचार्य ने भी शानदार प्रस्तुतियां देकर वाह-वाह व तालियां बटोरीं। कोई भी कलाकार अपनी कला व गीतों को अपनी मस्ती के साथ प्रस्तुत करता है, तब देखने वालों और सुनने वालों को भी बड़ा आनंद आता है और उनका उत्साह दोगुना हो जाता है।
मेरा दिल कितना पागल है…, देर न हो जाए कहीं देर न हो जाए…, तू मिले दिल खिले और जिंदगी को क्या चाहिए…, पायले चुनमुन चुनमुन…, रुक जा ओ दिल दीवाने जैसे गानों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर बांधे रखा।
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सफलता की सीढ़ियां, सा रे गा मा पा 2026, गायकों की प्रस्तुति, संगीत प्रतियोगिता, मेहनत और धैर्य, आत्मविश्वास, गायन प्रतिभा, 40 में से 40 अंक, सुनील कुमार माथुर, प्रेरणादायक आलेख




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