World of Chemistry Group के मंच पर तीन विज्ञान पुस्तकों ‘कण-कण में विज्ञान’, ‘Minds That Shaped The World’ तथा ‘भारतीय विज्ञान के नक्षत्र दीप’ का ऑनलाइन विमोचन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान को सरल और रोचक रूप में जन-जन तक पहुँचाने तथा विद्यार्थियों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और शोध की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़ने, भारतीय वैज्ञानिक विरासत से नई पीढ़ी को परिचित कराने और वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
- तीन विज्ञान पुस्तकों का ऑनलाइन विमोचन
- विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश
- विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर
- भारतीय वैज्ञानिक विरासत से जुड़ेंगे युवा
सुशी सक्सेना
World of Chemistry Group के मंच पर तीन महत्वपूर्ण विज्ञान पुस्तकों ‘कण-कण में विज्ञान’, ‘Minds That Shaped The World’ तथा ‘भारतीय विज्ञान के नक्षत्र दीप’ का विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विज्ञान एवं साहित्य के क्षेत्र से जुड़े सुशी सक्सेना, Ameliya, Enny, Liom Sir, विनीत और रोहित कुमार की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विज्ञान को सरल, रोचक और सहज रूप में सभी वर्गों तक पहुँचाना, विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और शोध की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
वक्ताओं ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन के प्रत्येक पहलू से जुड़ा हुआ है। आवश्यकता है कि विज्ञान को सरल भाषा और रोचक माध्यमों के द्वारा अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जाए। ‘कण-कण में विज्ञान’ के माध्यम से दैनिक जीवन में विज्ञान की भूमिका को समझने का प्रयास किया गया है, वहीं ‘Minds That Shaped The World’ उन महान वैज्ञानिक मस्तिष्कों और उनके योगदान को सामने लाने का प्रयास है, जिन्होंने मानव सभ्यता और ज्ञान की दिशा को प्रभावित किया।
‘भारतीय विज्ञान के नक्षत्र दीप’ भारतीय वैज्ञानिक परंपरा और विभिन्न कालखंडों में विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले भारतीय विद्वानों एवं वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को रेखांकित करती है। कार्यक्रम में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नई पीढ़ी को भारतीय वैज्ञानिक विरासत से परिचित कराने तथा विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने विज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने और वैज्ञानिक चेतना को बढ़ावा देने के संकल्प को दोहराया।

